आकाश की तरफ देखिये हम अकेले नहीं है.. सारा ब्रह्माण्ड हमारे लिए अनुकूल है और जो सपने देखते है और मेहनत करते हैं उन्हें प्रतिफल देने की साजिश करता है...

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जो मन मे आए उसे खुलकर पूरे मन से करो क्योंकि एक बार जो वक़्त गुजर गया तो वो वक़्त दुबारा नही आने वाला है

उलझने मैंने कई झुक के भी सुलझायी है लोग सारे तो कद के बराबर नही होते

अगर आपमें अहंकार है और आपको बहुत गुस्सा आता है तो ज़िन्दगी में आपको किसी और दुश्मन की कोई ज़रूरत नहीं

वक्त, ख्वाहिशें और सपने हाथ में बंधी घड़ी की तरह होते हैं जिसे हम उतार कर रख भी दें तो भी चलती रहती है

बगुले से एकाग्रचित्त होने की शिक्षा ग्रहण करनी चाहिए. जिस प्रकार बगुला अपनी समस्त क्रियाओं को त्यागकर एकाग्रचित्त हो, अपने शिकार का ध्यान करता है और मुनिजनो को बगुले के तरह श्रेष्ठ आसन अपनाना चाहिए.

दुःख पर ध्यान दोगे तो हमेशा दुःखी ही रहोगे..सुख पर ध्यान दोगे तो सुखी रहोगे जिस चीज पर तुम ध्यान दोगे वह सक्रिय हो जाती है.. ध्यान सबसे बड़ी कुंजी है

जो मन मे आए उसे खुलकर पूरे मन से करो क्योंकि एक बार जो वक़्त गुजर गया तो वो वक़्त दुबारा नही आने वाला है

उलझने मैंने कई झुक के भी सुलझायी है लोग सारे तो कद के बराबर नही होते

अगर आपमें अहंकार है और आपको बहुत गुस्सा आता है तो ज़िन्दगी में आपको किसी और दुश्मन की कोई ज़रूरत नहीं

वक्त, ख्वाहिशें और सपने हाथ में बंधी घड़ी की तरह होते हैं जिसे हम उतार कर रख भी दें तो भी चलती रहती है

बगुले से एकाग्रचित्त होने की शिक्षा ग्रहण करनी चाहिए. जिस प्रकार बगुला अपनी समस्त क्रियाओं को त्यागकर एकाग्रचित्त हो, अपने शिकार का ध्यान करता है और मुनिजनो को बगुले के तरह श्रेष्ठ आसन अपनाना चाहिए.

दुःख पर ध्यान दोगे तो हमेशा दुःखी ही रहोगे..सुख पर ध्यान दोगे तो सुखी रहोगे जिस चीज पर तुम ध्यान दोगे वह सक्रिय हो जाती है.. ध्यान सबसे बड़ी कुंजी है