असफलता और सफलता दोनों ही अवस्थाओं में लोग तुम्हारी बातें करेंगे, सफल होने पर प्रेरणा के रूप में और असफल होने पर सिख के रूप में...

असफलता और सफलता दोनों ही अवस्थाओं में लोग तुम्हारी बातें करेंगे, सफल होने पर प्रेरणा के रूप में और असफल होने पर सिख के रूप में...

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लोग कहते है तुम इतना खुश कैसे रहते हो..हमने कहाँ हम किसी को खुश देखकर जलते नही और अपना दुख किसी को बताते नही

काम मनुष्य का सबसे बड़ा रोग है. अज्ञान या मोह सबसे बड़ा शत्रु है. क्रोध मनुष्य को जला देने वाली भयंकर अग्नि है तथा आत्मज्ञान ही परम सुख है.

पैर खिचने से अच्छा है हाथ खिंचिये, क्या पता अपना कोई ऊपर आ जाये !!

अगर आप किसी चीज के सपने देख सकते है तो आप उसे हासिल भी कर सकते है।

यहां हर किसी को दरारों में झांकने की आदत है दरवाजा खोल दो तो कोई पूछने भी नही आयेगा

सिर्फ उतना ही विनम्र बनो जितना जरुरी हो............ बेवजह विनम्रता दूसरों के अहम को बढ़ावा देती है!!

लोग कहते है तुम इतना खुश कैसे रहते हो..हमने कहाँ हम किसी को खुश देखकर जलते नही और अपना दुख किसी को बताते नही

काम मनुष्य का सबसे बड़ा रोग है. अज्ञान या मोह सबसे बड़ा शत्रु है. क्रोध मनुष्य को जला देने वाली भयंकर अग्नि है तथा आत्मज्ञान ही परम सुख है.

पैर खिचने से अच्छा है हाथ खिंचिये, क्या पता अपना कोई ऊपर आ जाये !!

अगर आप किसी चीज के सपने देख सकते है तो आप उसे हासिल भी कर सकते है।

यहां हर किसी को दरारों में झांकने की आदत है दरवाजा खोल दो तो कोई पूछने भी नही आयेगा

सिर्फ उतना ही विनम्र बनो जितना जरुरी हो............ बेवजह विनम्रता दूसरों के अहम को बढ़ावा देती है!!