जो व्यक्ति सभी प्राणियों के प्रति समान भाव रखता है, दूसरों के धन को मिट्टी के समान समझता है और परस्त्री को माता. वाही सच्चा विद्वान और ब्राह्मण है.
आपका भविष्य उससे बनता है जो आप आज करते हैं कल नहीं
अगर आप किसी चीज के सपने देख सकते है तो आप उसे हासिल भी कर सकते है।
जिस काम में काम करने की हद पार ना हो फिर वो काम किसी काम का नही
अपेक्षाएं जहां खत्म होती हैं, सुकून वहीं से शुरू होता है
मुश्किल वक़्त में किसी का सहारा बनो सलाहकार नही
जो व्यक्ति सभी प्राणियों के प्रति समान भाव रखता है, दूसरों के धन को मिट्टी के समान समझता है और परस्त्री को माता. वाही सच्चा विद्वान और ब्राह्मण है.
आपका भविष्य उससे बनता है जो आप आज करते हैं कल नहीं
अगर आप किसी चीज के सपने देख सकते है तो आप उसे हासिल भी कर सकते है।
जिस काम में काम करने की हद पार ना हो फिर वो काम किसी काम का नही
अपेक्षाएं जहां खत्म होती हैं, सुकून वहीं से शुरू होता है
मुश्किल वक़्त में किसी का सहारा बनो सलाहकार नही