वक़्त तेरा लाख शुक्रिया जो भी सीखा है तुज़से ही सीखा है

वक़्त तेरा लाख शुक्रिया जो भी सीखा है तुज़से ही सीखा है

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“Thank You” उस वक्त के लिए, जब मैं लगभग मुस्कुराना भूल गया था और तुमने मुझे हसायाँ.

गुलदस्ता मेरे हाथ में चेहरे पर मुस्कान ऐ जाने वाले रखना अपना ध्यान ..

मुझे पढ़ना-लिखना सिखाने के लिए धन्यवाद मुझे सही-गलत की पहचान सिखाने के लिए धन्यवाद मुझे बड़े सपने देखने और आकाश को चूमने का साहस देने के लिए धन्यवाद मेरा मित्र, गुरु और प्रकाश बनने के लिए धन्यवाद

मुबारक़ कहें कैसे कैसे कहें शुक्रिया अभी शुरू भी न हो सकी गुफ़्तगू कैसे कहें अलविदा ..

किस तरह से शुक्रिया कहें आपको, जमीन से उठा कर दिल में बिठा लिया, नजरों में समां कर, पलकों पर सजा दिया, इतना प्यार दिया आपने हमको कि मेरे बिखरे शब्दों को कविता बना दिया.–

मुझको फिर वो सुनहरा नज़ारा मिल गया, नज़रों को जो दीदार तुम्हारा मिल गया, और किसी चीज़ की तमन्ना क्यों करूँ, जब मुझे तेरी बाहों में सहारा मिल गया…धन्यवाद

“Thank You” उस वक्त के लिए, जब मैं लगभग मुस्कुराना भूल गया था और तुमने मुझे हसायाँ.

गुलदस्ता मेरे हाथ में चेहरे पर मुस्कान ऐ जाने वाले रखना अपना ध्यान ..

मुझे पढ़ना-लिखना सिखाने के लिए धन्यवाद मुझे सही-गलत की पहचान सिखाने के लिए धन्यवाद मुझे बड़े सपने देखने और आकाश को चूमने का साहस देने के लिए धन्यवाद मेरा मित्र, गुरु और प्रकाश बनने के लिए धन्यवाद

मुबारक़ कहें कैसे कैसे कहें शुक्रिया अभी शुरू भी न हो सकी गुफ़्तगू कैसे कहें अलविदा ..

किस तरह से शुक्रिया कहें आपको, जमीन से उठा कर दिल में बिठा लिया, नजरों में समां कर, पलकों पर सजा दिया, इतना प्यार दिया आपने हमको कि मेरे बिखरे शब्दों को कविता बना दिया.–

मुझको फिर वो सुनहरा नज़ारा मिल गया, नज़रों को जो दीदार तुम्हारा मिल गया, और किसी चीज़ की तमन्ना क्यों करूँ, जब मुझे तेरी बाहों में सहारा मिल गया…धन्यवाद