वक़्त तेरा लाख शुक्रिया जो भी सीखा है तुज़से ही सीखा है

वक़्त तेरा लाख शुक्रिया जो भी सीखा है तुज़से ही सीखा है

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गुलदस्ता मेरे हाथ में चेहरे पर मुस्कान ऐ जाने वाले रखना अपना ध्यान ..

मैं तो कांच का टुकड़ा था तुमने ही हीरा बनाया, कैसे शुक्रिया अदा करूँ तूने जो जीना सिखा दिया.

मुझको फिर वो सुनहरा नज़ारा मिल गया, नज़रों को जो दीदार तुम्हारा मिल गया, और किसी चीज़ की तमन्ना क्यों करूँ, जब मुझे तेरी बाहों में सहारा मिल गया…धन्यवाद

ख़्वाबों में आने वाले तेरा शुक्रिया, दिल को बहलाने वाले तेरा शुक्रिया, कौन करता है इस ज़माने में किसी से दोस्ती इतनी, हमें दोस्त कहने वाले तेरा शुक्रिया…..

ओ सर्दियों की मनमोहिनी धूप तेरा शुक्रिया हे सूर्य नारायण तेरा शुक्रिया ओ ठिठुरन से मुक्ति दिलाने वाले तेरा शुक्रिया शक्ति के संचारी तेरा शुक्रिया तुमसे ही तो ठंडे पड़े रिश्तो में गरमाहट आयी हे गरमाहट के देव तेरा शुक्रिया सौंधी सौंधी धूप में छिटपुट खेलो के लिए शुक्रिया हे जगदीश्वर तेरा शुक्रिया

मुबारक़ कहें कैसे कैसे कहें शुक्रिया अभी शुरू भी न हो सकी गुफ़्तगू कैसे कहें अलविदा ..

गुलदस्ता मेरे हाथ में चेहरे पर मुस्कान ऐ जाने वाले रखना अपना ध्यान ..

मैं तो कांच का टुकड़ा था तुमने ही हीरा बनाया, कैसे शुक्रिया अदा करूँ तूने जो जीना सिखा दिया.

मुझको फिर वो सुनहरा नज़ारा मिल गया, नज़रों को जो दीदार तुम्हारा मिल गया, और किसी चीज़ की तमन्ना क्यों करूँ, जब मुझे तेरी बाहों में सहारा मिल गया…धन्यवाद

ख़्वाबों में आने वाले तेरा शुक्रिया, दिल को बहलाने वाले तेरा शुक्रिया, कौन करता है इस ज़माने में किसी से दोस्ती इतनी, हमें दोस्त कहने वाले तेरा शुक्रिया…..

ओ सर्दियों की मनमोहिनी धूप तेरा शुक्रिया हे सूर्य नारायण तेरा शुक्रिया ओ ठिठुरन से मुक्ति दिलाने वाले तेरा शुक्रिया शक्ति के संचारी तेरा शुक्रिया तुमसे ही तो ठंडे पड़े रिश्तो में गरमाहट आयी हे गरमाहट के देव तेरा शुक्रिया सौंधी सौंधी धूप में छिटपुट खेलो के लिए शुक्रिया हे जगदीश्वर तेरा शुक्रिया

मुबारक़ कहें कैसे कैसे कहें शुक्रिया अभी शुरू भी न हो सकी गुफ़्तगू कैसे कहें अलविदा ..