सपने धूमिल है तो क्या हुआ कभी तो सच्चे होंगे, वक़्त बुरे है तो क्या हुआ कभी तो अच्छे होंगे|

सपने धूमिल है तो क्या हुआ कभी तो सच्चे होंगे, वक़्त बुरे है तो क्या हुआ कभी तो अच्छे होंगे|

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सुख मै सो मिले दुःख में मिले न एक साथ कष्ट में रहे वही मित्र है नेक

जीवन मे आपको रोकने-टोकने वाला कोई है तो उसका एहसान मानिए, क्योंकि जिन बागों में माली नही होते, वो बाग जल्दी उजड़ जाते है

मूर्ख को उपदेश शत्रु के समान लगता है. लोभियों अथवा कंजूसो को याचक (भिखारी) शत्रु सा लगता है. व्यभिचारिणी स्त्री को उसका पति शत्रु लगता है, तो चोरों को चंद्रमा शत्रु लगता है.

फोकस खुद पे करो जब तक लोग तुम पर फोकस ना करे

किरण चाहे सूर्य की हो या आशा की, जब भी निकलती है तो सभी अंधकारों को मिटा देती है

कुछ बनना है तो शौक से बनो,पर खयाल रखना की भीड़ का हिस्सा मत बनो हाँ, भीड़ जिसके लिए जुटे वो किस्सा जरुर बनो

सुख मै सो मिले दुःख में मिले न एक साथ कष्ट में रहे वही मित्र है नेक

जीवन मे आपको रोकने-टोकने वाला कोई है तो उसका एहसान मानिए, क्योंकि जिन बागों में माली नही होते, वो बाग जल्दी उजड़ जाते है

मूर्ख को उपदेश शत्रु के समान लगता है. लोभियों अथवा कंजूसो को याचक (भिखारी) शत्रु सा लगता है. व्यभिचारिणी स्त्री को उसका पति शत्रु लगता है, तो चोरों को चंद्रमा शत्रु लगता है.

फोकस खुद पे करो जब तक लोग तुम पर फोकस ना करे

किरण चाहे सूर्य की हो या आशा की, जब भी निकलती है तो सभी अंधकारों को मिटा देती है

कुछ बनना है तो शौक से बनो,पर खयाल रखना की भीड़ का हिस्सा मत बनो हाँ, भीड़ जिसके लिए जुटे वो किस्सा जरुर बनो