मुझे समजना तेरे बस की बात नहीं सोच बुलंद कर या सोचना छोड़ दे

मुझे समजना तेरे बस की बात नहीं सोच बुलंद कर या सोचना छोड़ दे

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अपने लिए नहीं तो उनके लिए कामयाब बनो जो आपको नाकामयाब देखना चाहते हैं .

अगर पहले हम ये जन लें की हम कहाँ पर हैं और हम किस दिशा में जा रहे हैं, तो हमें क्या और कैसे करना चाहिए इसका बेहतर निर्णय कर सकते हैं

सज्जन की राय का उल्लंघन न करें।

दिल लगाने से अच्छा है, पेड़ लगाऐ, वोह घाव नही कम से कम छाव तोह देगे

प्रेम कि शिक्षा लेनी है तो भंवरे से लो. कठोर लकड़ी को छेद देने वाला भँवरा, कमल में स्वयं को बंद कर लेता है तो सिर्फ इसलिए कि उसे कमल से प्रेम होता है. यदि वह कमल को छेदकर बहार आ जायेगा तो कमल के प्रति उसका प्रेम रहा ही कहाँ?

किसी को परेशान देखकर अगर हमें तकलीफ होती हैं तो यकीन मानिए ईश्वर ने हमें इंसान बनाकर कोई गलती नहीं की है

अपने लिए नहीं तो उनके लिए कामयाब बनो जो आपको नाकामयाब देखना चाहते हैं .

अगर पहले हम ये जन लें की हम कहाँ पर हैं और हम किस दिशा में जा रहे हैं, तो हमें क्या और कैसे करना चाहिए इसका बेहतर निर्णय कर सकते हैं

सज्जन की राय का उल्लंघन न करें।

दिल लगाने से अच्छा है, पेड़ लगाऐ, वोह घाव नही कम से कम छाव तोह देगे

प्रेम कि शिक्षा लेनी है तो भंवरे से लो. कठोर लकड़ी को छेद देने वाला भँवरा, कमल में स्वयं को बंद कर लेता है तो सिर्फ इसलिए कि उसे कमल से प्रेम होता है. यदि वह कमल को छेदकर बहार आ जायेगा तो कमल के प्रति उसका प्रेम रहा ही कहाँ?

किसी को परेशान देखकर अगर हमें तकलीफ होती हैं तो यकीन मानिए ईश्वर ने हमें इंसान बनाकर कोई गलती नहीं की है