हर आदमी अपनी जिंदगी में हिरो है बस कुछ लोगो की फिल्में रिलीज़ नहीं होती|

हर आदमी अपनी जिंदगी में हिरो है बस कुछ लोगो की फिल्में रिलीज़ नहीं होती|

Share:

More Like This

जिस समय भी आप यह सोचना शुरू कर देते है कि यदि मैं लक्ष्य को हासिल नही कर सका तो फिर क्या करूँगा उसी समय ही आप हार जाते है

दोस्ती करनी हो तो गणित के जीरो जैसी करो साहब जिसके साथ मिल जाओ उसकी कीमत बढ़ जाये

अधर्म बुद्धि से आत्मविनाश की सुचना मिलती है।

यदि गुलाब की तरह खिलना चाहते है तो काँटों के साथ तालमेल की कला सीखनी होगी!

किसी से रास्ता पूछने से पहले यह सुनिश्चित करले कि कहीं वह स्वयं तो रास्ता भटका हुआ नहीं है।

""कामयाबी"" के सफर में "धूप" का बड़ा महत्व होता हैं! क्योंकि ""छांव"" मिलते ही "कदम" रुकने लगते है।

जिस समय भी आप यह सोचना शुरू कर देते है कि यदि मैं लक्ष्य को हासिल नही कर सका तो फिर क्या करूँगा उसी समय ही आप हार जाते है

दोस्ती करनी हो तो गणित के जीरो जैसी करो साहब जिसके साथ मिल जाओ उसकी कीमत बढ़ जाये

अधर्म बुद्धि से आत्मविनाश की सुचना मिलती है।

यदि गुलाब की तरह खिलना चाहते है तो काँटों के साथ तालमेल की कला सीखनी होगी!

किसी से रास्ता पूछने से पहले यह सुनिश्चित करले कि कहीं वह स्वयं तो रास्ता भटका हुआ नहीं है।

""कामयाबी"" के सफर में "धूप" का बड़ा महत्व होता हैं! क्योंकि ""छांव"" मिलते ही "कदम" रुकने लगते है।