ये है मेरी औकात चाहे आज या कल ; इसके सिवा मैं क्या हूँ|

ये है मेरी औकात चाहे आज या कल ; इसके सिवा मैं क्या हूँ|

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#तारीफ खुद की करना #फ़िज़ूल है, खुशबू बता देती# है कौन सा फूल है |

जब हम बोलना नही जानते थे तो हमारे बोले बिना'माँ' हमारी बातो को समझ जाती थी। और आज हम हर बात पर कहते है छोङो भी 'माँ' आप नही समझोंगी।

वक़्त की ताक़त तुम क्या समझोगे ये उसका भी हो जाता है जिसका कोई नहीं होता।

एक बात कहूँ राज़ की कोई अगर तुम्हे सिर्फ ज़रुरत के वक़्त याद करता है तो समझ लेना की तुम उसके लिए ज़रूरी नहीं हो।

वैसे इंसान बनें जिस तरह के इंसान को आप पसंद करते हैं.

उन्हें अपना बनाने की भूल कभी मत करना जो हमेशा अपनी ही दुनिया में व्यस्त रहते है।

#तारीफ खुद की करना #फ़िज़ूल है, खुशबू बता देती# है कौन सा फूल है |

जब हम बोलना नही जानते थे तो हमारे बोले बिना'माँ' हमारी बातो को समझ जाती थी। और आज हम हर बात पर कहते है छोङो भी 'माँ' आप नही समझोंगी।

वक़्त की ताक़त तुम क्या समझोगे ये उसका भी हो जाता है जिसका कोई नहीं होता।

एक बात कहूँ राज़ की कोई अगर तुम्हे सिर्फ ज़रुरत के वक़्त याद करता है तो समझ लेना की तुम उसके लिए ज़रूरी नहीं हो।

वैसे इंसान बनें जिस तरह के इंसान को आप पसंद करते हैं.

उन्हें अपना बनाने की भूल कभी मत करना जो हमेशा अपनी ही दुनिया में व्यस्त रहते है।