ये है मेरी औकात चाहे आज या कल ; इसके सिवा मैं क्या हूँ|

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जब हम बोलना नही जानते थे तो हमारे बोले बिना'माँ' हमारी बातो को समझ जाती थी। और आज हम हर बात पर कहते है छोङो भी 'माँ' आप नही समझोंगी।

अपने फ़ायदे के लिए दूसरे का नुकसान कभी नहीं करे

भावनाओं में बहकर किसी के सामने अपनी कमजोरियाँ को बता देना सबसे बड़ी मुर्खता है.

उन्हें अपना बनाने की भूल कभी मत करना जो हमेशा अपनी ही दुनिया में व्यस्त रहते है।

जीवन का सबक.... जल्द ही किसी को Judge मत करो!!

बुरे दिनो का एक अच्छा फायदा अच्छे-अच्छे दोस्त परखे जाते है।

जब हम बोलना नही जानते थे तो हमारे बोले बिना'माँ' हमारी बातो को समझ जाती थी। और आज हम हर बात पर कहते है छोङो भी 'माँ' आप नही समझोंगी।

अपने फ़ायदे के लिए दूसरे का नुकसान कभी नहीं करे

भावनाओं में बहकर किसी के सामने अपनी कमजोरियाँ को बता देना सबसे बड़ी मुर्खता है.

उन्हें अपना बनाने की भूल कभी मत करना जो हमेशा अपनी ही दुनिया में व्यस्त रहते है।

जीवन का सबक.... जल्द ही किसी को Judge मत करो!!

बुरे दिनो का एक अच्छा फायदा अच्छे-अच्छे दोस्त परखे जाते है।