उम्मीद कभी न छोड़े, यही वह पथ है, जो जीवन भर आपको गतिशील बनाकर रखता है।
हर प्रशंसा करने वाला आपका शुभचिंतक नही होता
क्रोध यमराज के समान है, वह सब कुछ नष्ट कर डालता है. संतोष ही सुख-वैभव प्रदान करता है. विद्या कामधेनु के समान है और तृष्णा वैतरणी के समान कष्टकर है. हमें इन बातों को व्यवहार में लाकर इनके अनुसार ही कार्य करना चाहिए.
स्वाभिमानी व्यक्ति प्रतिकूल विचारों कोसम्मुख रखकर दुबारा उन पर विचार करे।
नींद और निंदा पर जो विजय पा लेते है.. उन्हें आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता..
मिलता तो बहुत है इस जिंदगी में, बस हम गिनती उसी की करते है, जो हासिल न हो सका
उम्मीद कभी न छोड़े, यही वह पथ है, जो जीवन भर आपको गतिशील बनाकर रखता है।
हर प्रशंसा करने वाला आपका शुभचिंतक नही होता
क्रोध यमराज के समान है, वह सब कुछ नष्ट कर डालता है. संतोष ही सुख-वैभव प्रदान करता है. विद्या कामधेनु के समान है और तृष्णा वैतरणी के समान कष्टकर है. हमें इन बातों को व्यवहार में लाकर इनके अनुसार ही कार्य करना चाहिए.
स्वाभिमानी व्यक्ति प्रतिकूल विचारों कोसम्मुख रखकर दुबारा उन पर विचार करे।
नींद और निंदा पर जो विजय पा लेते है.. उन्हें आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता..
मिलता तो बहुत है इस जिंदगी में, बस हम गिनती उसी की करते है, जो हासिल न हो सका