यदि आपसे कोई दुरी बनाना चाहता है तो उसे ऐसा करने दीजिए नहीं तो आप जितना नजदीक होने की कोशिश करोगे वो उतना दूर जाता जायेगा

यदि आपसे कोई दुरी बनाना चाहता है तो उसे ऐसा करने दीजिए नहीं तो आप जितना नजदीक होने की कोशिश करोगे वो उतना दूर जाता जायेगा

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सिद्ध- औषधि का मर्म, गुप्त वार्ता, घर का भेद, अपमान कि बात, इन सभी को गुप्त रखना ही हितकर होता हैं.

अच्छाई की शुरुवात खुद से ही करनी पड़ती है क्योंकि तिलक भी दूसरों को लगाने से पहले खुद की उँगली पर लगाना होता है

जी लो हर लम्हा बीत जाने से पहले लौट कर सिर्फ यादें आती हैं वक़त नहीं

यदि आपके पास जो कुछ है उससे आप संतुष्ट हो और खुश हो तो आप बहुत अमीर हो

हौसले जिनके चट्टान हुआ करते हैं रास्ते उनके ही आसान हुआ करते हैं ए नादान न घबरा इन परेशानियों से ये तो पल भर के मेहमान हुआ करते हैं

लोगो के पास बहुत कुछ है मगर मुश्किल यह है की भरोसे ओर शक है और अपने शक पर भरोसा है

सिद्ध- औषधि का मर्म, गुप्त वार्ता, घर का भेद, अपमान कि बात, इन सभी को गुप्त रखना ही हितकर होता हैं.

अच्छाई की शुरुवात खुद से ही करनी पड़ती है क्योंकि तिलक भी दूसरों को लगाने से पहले खुद की उँगली पर लगाना होता है

जी लो हर लम्हा बीत जाने से पहले लौट कर सिर्फ यादें आती हैं वक़त नहीं

यदि आपके पास जो कुछ है उससे आप संतुष्ट हो और खुश हो तो आप बहुत अमीर हो

हौसले जिनके चट्टान हुआ करते हैं रास्ते उनके ही आसान हुआ करते हैं ए नादान न घबरा इन परेशानियों से ये तो पल भर के मेहमान हुआ करते हैं

लोगो के पास बहुत कुछ है मगर मुश्किल यह है की भरोसे ओर शक है और अपने शक पर भरोसा है