खुद को कभी अकेला महसूस न करे क्योंकि
यहां हर किसी को दरारों में झांकने की आदत है दरवाजा खोल दो तो कोई पूछने भी नही आयेगा
लिबास कितना भी किमती हो घटीया किरदार को छुपा नहीं सकता
किसी से अपना काम निकालना हो तो मधुर वचन बोलें. जिस प्रकार हिरण का शिकार करने के लिए शिकारी मधुर स्वर में गीत गाता है.
भाग्य पुरुषार्थी के पीछे चलता है।
प्रेम में बोला गया मात्र एक झूठ कभी ना टूटने वाले संबंध की जड़े भी हिला देता है
खुद को कभी अकेला महसूस न करे क्योंकि
यहां हर किसी को दरारों में झांकने की आदत है दरवाजा खोल दो तो कोई पूछने भी नही आयेगा
लिबास कितना भी किमती हो घटीया किरदार को छुपा नहीं सकता
किसी से अपना काम निकालना हो तो मधुर वचन बोलें. जिस प्रकार हिरण का शिकार करने के लिए शिकारी मधुर स्वर में गीत गाता है.
भाग्य पुरुषार्थी के पीछे चलता है।
प्रेम में बोला गया मात्र एक झूठ कभी ना टूटने वाले संबंध की जड़े भी हिला देता है