आपके पास जितना समय अभी है, उससे अधिक समय कभी नहीं होगा
यह महत्पूर्ण नही की आप सफल है या नही महत्पूर्ण यह है कि आप उतने सफल हुए या नही जितनी आपके भीतर क्षमता थी
मंजिल मेरे कदमों से अभी दूर बहुत है... मगर तसल्ली ये है कि कदम मेरे साथ हैं
जीवन मे सिर्फ वहाँ तक ही "झुकना' चाहिए जहाँ तक सम्बन्धो में "लचकता" और मन मे "आत्मसम्मान" बना रहे
दुनिया की हर चीज ठोकर लगने से टूट जाती है, एक कामयाबी ही है जो ठोकर लगने से मिलती है
किसी को परेशान देखकर अगर हमें तकलीफ होती हैं तो यकीन मानिए ईश्वर ने हमें इंसान बनाकर कोई गलती नहीं की है
आपके पास जितना समय अभी है, उससे अधिक समय कभी नहीं होगा
यह महत्पूर्ण नही की आप सफल है या नही महत्पूर्ण यह है कि आप उतने सफल हुए या नही जितनी आपके भीतर क्षमता थी
मंजिल मेरे कदमों से अभी दूर बहुत है... मगर तसल्ली ये है कि कदम मेरे साथ हैं
जीवन मे सिर्फ वहाँ तक ही "झुकना' चाहिए जहाँ तक सम्बन्धो में "लचकता" और मन मे "आत्मसम्मान" बना रहे
दुनिया की हर चीज ठोकर लगने से टूट जाती है, एक कामयाबी ही है जो ठोकर लगने से मिलती है
किसी को परेशान देखकर अगर हमें तकलीफ होती हैं तो यकीन मानिए ईश्वर ने हमें इंसान बनाकर कोई गलती नहीं की है