यदि आपसे कोई दुरी बनाना चाहता है तो उसे ऐसा करने दीजिए नहीं तो आप जितना नजदीक होने की कोशिश करोगे वो उतना दूर जाता जायेगा

यदि आपसे कोई दुरी बनाना चाहता है तो उसे ऐसा करने दीजिए नहीं तो आप जितना नजदीक होने की कोशिश करोगे वो उतना दूर जाता जायेगा

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तकलीफ हमेशा उन्हें बताओ जो समझने के काबिल हो

किसी पर ज्यादा नाराज होने से बेहतर है कि अपने जीवन मे उसकी अहमियत कम कर दो

'इरादे' इतने कमजोर नही होने चाहिए की लोगो की बातों में आकर टूट जाए

काम मनुष्य का सबसे बड़ा रोग है. अज्ञान या मोह सबसे बड़ा शत्रु है. क्रोध मनुष्य को जला देने वाली भयंकर अग्नि है तथा आत्मज्ञान ही परम सुख है.

किस ने गिनी हैं साँसे कितनी यह आएंगी ​ ना जाने कौन सी सांसें मेरी मुझे मेरे कृष्णा से मिलाएगी

मन में नित्य रहने वाले छः शत्रु – काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद तथा मात्सर्य को जो वश में कर लेता है, वह जितेन्द्रिय पुरुष पापों से ही लिप्त नहीं होता, फिर उनसे उत्पन्न होने वाले अनर्थों की तो बात ही क्या है।

तकलीफ हमेशा उन्हें बताओ जो समझने के काबिल हो

किसी पर ज्यादा नाराज होने से बेहतर है कि अपने जीवन मे उसकी अहमियत कम कर दो

'इरादे' इतने कमजोर नही होने चाहिए की लोगो की बातों में आकर टूट जाए

काम मनुष्य का सबसे बड़ा रोग है. अज्ञान या मोह सबसे बड़ा शत्रु है. क्रोध मनुष्य को जला देने वाली भयंकर अग्नि है तथा आत्मज्ञान ही परम सुख है.

किस ने गिनी हैं साँसे कितनी यह आएंगी ​ ना जाने कौन सी सांसें मेरी मुझे मेरे कृष्णा से मिलाएगी

मन में नित्य रहने वाले छः शत्रु – काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद तथा मात्सर्य को जो वश में कर लेता है, वह जितेन्द्रिय पुरुष पापों से ही लिप्त नहीं होता, फिर उनसे उत्पन्न होने वाले अनर्थों की तो बात ही क्या है।