वजूद सबका अपना अपना है सूर्य के सामने दीपक का ना सही अंधेरे के आगे बहुत कुछ है
{ दुनिया सिर्फ..}
शासक को स्वयं योग्य बनकर योग्य प्रशासकों की सहायता से शासन करना चाहिए।
जीतने वाले अलग चीजें नहीं करते, वो चीजों को अलग तरह से करते हैं
बाहर की चुनौतियों से नहीं हम अपने अंदर आत्मविश्वास की कमी के कारण असफल होते है
बिना सत्य के सारा संसार व्यर्थ है. संसार में सब कुछ सत्य पर टिका है. सत्य के तेज से ही सूर्य तपता है, सत्य पर ही पृथ्वी टिकी है, सत्य के प्रभाव से ही वायु बहती है. सत्य ही जीवन का सच है.
वजूद सबका अपना अपना है सूर्य के सामने दीपक का ना सही अंधेरे के आगे बहुत कुछ है
{ दुनिया सिर्फ..}
शासक को स्वयं योग्य बनकर योग्य प्रशासकों की सहायता से शासन करना चाहिए।
जीतने वाले अलग चीजें नहीं करते, वो चीजों को अलग तरह से करते हैं
बाहर की चुनौतियों से नहीं हम अपने अंदर आत्मविश्वास की कमी के कारण असफल होते है
बिना सत्य के सारा संसार व्यर्थ है. संसार में सब कुछ सत्य पर टिका है. सत्य के तेज से ही सूर्य तपता है, सत्य पर ही पृथ्वी टिकी है, सत्य के प्रभाव से ही वायु बहती है. सत्य ही जीवन का सच है.