जिंदगी में इतनी तेजी से आगे दौड़ो की लोगो के बुराइ के धागे आपके पैरों मैं ही आकर टूट जाए|

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पत्तों सी होती है कई रिश्तों की उम्र...! आज हरे...........कल सूखे क्यों न हम जड़ों से रिश्ते निभाना सीखें...

वक़्त बदलते देर नही लगती इसलिए कभी भी हद से ज्यादा फूलों मत और अपनों को कभी भूलो मत

इतनी जल्दी दुनिया की कोई चीज नही बदलती... जितनी जल्दी इंसान की नियत और नजरे बदल जाती है..

रिश्तो में झुकना कोई अजीब बात नही, सूरज भी तो ढल जाता है चाँद के लिए.

सदैव

बुढ़ापे में आपको रोटी आपकी औलाद नहीं आपके दिए संस्कार खिलाएंगे

पत्तों सी होती है कई रिश्तों की उम्र...! आज हरे...........कल सूखे क्यों न हम जड़ों से रिश्ते निभाना सीखें...

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इतनी जल्दी दुनिया की कोई चीज नही बदलती... जितनी जल्दी इंसान की नियत और नजरे बदल जाती है..

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सदैव

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