सबसे बड़ी रिस्क तब रहती है जब हमें पता नही रहता कि हम क्या कर रहे है
ज्यादातर लोग उतने ही खुश रहते हैं जितना वो अपने दिमाग में तय कर लेते हैं
पैसा जीवन मे उतना ही जरूरी है कि खुद को मांगना ना पड़े और जो मांगे उसको देने से मना न कर सको
किसी पर ज्यादा नाराज होने से बेहतर है कि अपने जीवन मे उसकी अहमियत कम कर दो
आँखे भी खोलनी पड़ती है उजाले के लिए, केवल सूरज के निकलने से ही अँधेरा नही जाता
अगर तुम सोचते हो कि तुम समय काट रहे हो, तो वहम में हो .. !! क्योंकि तुम समय काट नहीं रहे....... बल्कि यह समय " तुम्हें काट रहा है ।
सबसे बड़ी रिस्क तब रहती है जब हमें पता नही रहता कि हम क्या कर रहे है
ज्यादातर लोग उतने ही खुश रहते हैं जितना वो अपने दिमाग में तय कर लेते हैं
पैसा जीवन मे उतना ही जरूरी है कि खुद को मांगना ना पड़े और जो मांगे उसको देने से मना न कर सको
किसी पर ज्यादा नाराज होने से बेहतर है कि अपने जीवन मे उसकी अहमियत कम कर दो
आँखे भी खोलनी पड़ती है उजाले के लिए, केवल सूरज के निकलने से ही अँधेरा नही जाता
अगर तुम सोचते हो कि तुम समय काट रहे हो, तो वहम में हो .. !! क्योंकि तुम समय काट नहीं रहे....... बल्कि यह समय " तुम्हें काट रहा है ।