अपने अंदर के छोटे-छोटे कमियों को सुधार लीजिये, क्योंकि एक छोटा सा छेद ही समुंद्री जहाज के डूबने का कारण बन जाता है
माफी मांगने का मतलब यह नहीं है कि हम गलत है या सामने वाला सही है....इसका मतलब है कि हम रिश्तों को अपने अंहकार से ज्यादा महत्व देते हैं
धार्मिक कथाओं को सुनने पर, श्मशान में और रोगियों को देखकर व्यक्ति कि बुद्धि को जो वैराग्य हो जाता है. यदि ऐसा वैराग्य सदा बना रहे तो भला कौन संसार के इन बंधनों से मुक्त नहीं होगा.
व्यक्ति के आचरण से उसके कुल का परिचय मिलता है. बोली से देश का पता लगता है. आदर-सत्कार से प्रेम का और शरीर से व्यक्ति के भोजन का पता लगता है.
आपकी इज्जत तब होती है जब आपके पास कुछ ऐसा होता है जो सबके पास नहीं होता .
कोशिश हमेशा आखरी साँस तक करनी चाहिए या तो लक्ष्य हासिल होगा या अनुभव
अपने अंदर के छोटे-छोटे कमियों को सुधार लीजिये, क्योंकि एक छोटा सा छेद ही समुंद्री जहाज के डूबने का कारण बन जाता है
माफी मांगने का मतलब यह नहीं है कि हम गलत है या सामने वाला सही है....इसका मतलब है कि हम रिश्तों को अपने अंहकार से ज्यादा महत्व देते हैं
धार्मिक कथाओं को सुनने पर, श्मशान में और रोगियों को देखकर व्यक्ति कि बुद्धि को जो वैराग्य हो जाता है. यदि ऐसा वैराग्य सदा बना रहे तो भला कौन संसार के इन बंधनों से मुक्त नहीं होगा.
व्यक्ति के आचरण से उसके कुल का परिचय मिलता है. बोली से देश का पता लगता है. आदर-सत्कार से प्रेम का और शरीर से व्यक्ति के भोजन का पता लगता है.
आपकी इज्जत तब होती है जब आपके पास कुछ ऐसा होता है जो सबके पास नहीं होता .
कोशिश हमेशा आखरी साँस तक करनी चाहिए या तो लक्ष्य हासिल होगा या अनुभव