झूठ का भी अजीब 'जायका' है स्वयं बोलो तो मीठा' लगता है कोई और बोले तो 'कड़वा'
कोई विश्वास तोड़े तो उसका भी धन्यवाद करें,, वह हमे सिखाते है की,, विश्वास बहुत सोच -समझकर करना चाहिए !!!!
सच्चा ज्ञान वही है जो स्वाभिमान और घमंड में अंतर करना सिखाये
खुद से बहस करोगे तो सारे सवालों के जवाब मिल जाएंगे, अगर दुसरो से करोगे तो और नये सवाल खड़े हो जायेंगे, जब मनुष्य अपनी ग़लती का वक़ील और दूसरों की गलतियों का, जज बन जाता है तो फैसले नही फासले हो जाते है..
जीत की आदत अच्छी है, मगर कुछ रिश्तों में हार जाना बेहतर है
लक्ष्य कोई “ बड़ा ” नही हारा वही जो “ लड़ा ” नही
झूठ का भी अजीब 'जायका' है स्वयं बोलो तो मीठा' लगता है कोई और बोले तो 'कड़वा'
कोई विश्वास तोड़े तो उसका भी धन्यवाद करें,, वह हमे सिखाते है की,, विश्वास बहुत सोच -समझकर करना चाहिए !!!!
सच्चा ज्ञान वही है जो स्वाभिमान और घमंड में अंतर करना सिखाये
खुद से बहस करोगे तो सारे सवालों के जवाब मिल जाएंगे, अगर दुसरो से करोगे तो और नये सवाल खड़े हो जायेंगे, जब मनुष्य अपनी ग़लती का वक़ील और दूसरों की गलतियों का, जज बन जाता है तो फैसले नही फासले हो जाते है..
जीत की आदत अच्छी है, मगर कुछ रिश्तों में हार जाना बेहतर है
लक्ष्य कोई “ बड़ा ” नही हारा वही जो “ लड़ा ” नही