"जब तक किसी काम को किया नहीं जाता तब तक वह असंभव ही लगता है
इच्छा पूरी ना हो तो क्रोध बढ़ता है अगर इच्छा पूरी हो तो लोभ बढ़ता है जीवन मे इसलिए हर एक इस्थिति में धैर्य बनाये रखना ही श्रेष्ठता है।
तकदीर बदल जाती है जब ज़िन्दगी का कोई मकसद हो, वरना उम्र कट जाती है तकदीर को इल्जाम देते देते
दुनिया उन्हीं की खैरियत पूछती है जो पहले से ही खुश हों, जो तकलीफ में होते हैं उनके तो नंबर तक खो जाते है।
जब तक आप प्रसिद्ध नहीं हो जाते, उस समय तक आपको ये सोचने की जरूरत नहीं कि लोग आपके बारे में क्या सोचते हैं
खुद को कभी अकेला महसूस न करे क्योंकि
"जब तक किसी काम को किया नहीं जाता तब तक वह असंभव ही लगता है
इच्छा पूरी ना हो तो क्रोध बढ़ता है अगर इच्छा पूरी हो तो लोभ बढ़ता है जीवन मे इसलिए हर एक इस्थिति में धैर्य बनाये रखना ही श्रेष्ठता है।
तकदीर बदल जाती है जब ज़िन्दगी का कोई मकसद हो, वरना उम्र कट जाती है तकदीर को इल्जाम देते देते
दुनिया उन्हीं की खैरियत पूछती है जो पहले से ही खुश हों, जो तकलीफ में होते हैं उनके तो नंबर तक खो जाते है।
जब तक आप प्रसिद्ध नहीं हो जाते, उस समय तक आपको ये सोचने की जरूरत नहीं कि लोग आपके बारे में क्या सोचते हैं
खुद को कभी अकेला महसूस न करे क्योंकि