किस्मत से लड़ने में मजा आ रहा है दोस्तों ! ये मुझे जीतने नहीं दे रही, और हार मैं मान नहीं रहा
ऊँचे ख्वाबों के लिए... दिल की गहराई से काम करना पड़ता है यूँ ही नहीं मिलती सफलता किसी को.. मेहनत की आग में दिन-रात जलना पड़ता है
जैसे फलों में गंध, तिलों में तेल, काष्ठ में अग्नि, दुग्ध में घी, गन्ने में गुड़ है, उसी तरह शरीर में परमात्मा है. इसे पहचानना चाहिए.
सुख का ताला केवल और केवल संतुष्टि की चाभी से खुलता है
शब्द यात्रा करते हैं... इसलिए पीठ पीछे भी, किसी की निंदा न करें
हमेशा अपनी "बात" कहनें का अन्दाज खूबसूरत रखो.... ताकि "जवाब" भीं खूबसूरत सुन सको.. प्रेम की धारा, बहती है जिस दिल में, चर्चा उसकी होती है, हर महफ़िल में.
किस्मत से लड़ने में मजा आ रहा है दोस्तों ! ये मुझे जीतने नहीं दे रही, और हार मैं मान नहीं रहा
ऊँचे ख्वाबों के लिए... दिल की गहराई से काम करना पड़ता है यूँ ही नहीं मिलती सफलता किसी को.. मेहनत की आग में दिन-रात जलना पड़ता है
जैसे फलों में गंध, तिलों में तेल, काष्ठ में अग्नि, दुग्ध में घी, गन्ने में गुड़ है, उसी तरह शरीर में परमात्मा है. इसे पहचानना चाहिए.
सुख का ताला केवल और केवल संतुष्टि की चाभी से खुलता है
शब्द यात्रा करते हैं... इसलिए पीठ पीछे भी, किसी की निंदा न करें
हमेशा अपनी "बात" कहनें का अन्दाज खूबसूरत रखो.... ताकि "जवाब" भीं खूबसूरत सुन सको.. प्रेम की धारा, बहती है जिस दिल में, चर्चा उसकी होती है, हर महफ़िल में.