कामयाब होने के लिए कई बार हमें जो है उसी में शुरुआत कर लेनी होती है, भले तैयारी पूरी ना हो क्योंकि यह इंतजार करने से काफी बेहतर है।
मिलता तो बहुत है इस जिंदगी में, बस हम गिनती उसी की करते है, जो हासिल न हो सका
कोई भी "व्यक्ति" हमारा "मित्र" या "शत्रु" बनकर "संसार" में नही आता हमारा "व्यवहार" और "शब्द" ही लोगो को "मित्र" और "शत्रु" बनाते है
अच्छी ज़िन्दगी जीने के बस दो ही तरीके हैं ! एक जो पसंद है उसे हासिल करलो या जो हासिल है उसे पसंद करना सीखलो !!
अगर आपको ख्याल आये की आप बहुत बुरे हो; तो यकीन मानो अगर आप सच मे बुरे होते तो आपको ये ख्याल ही नही आता
अपनी अमीरी के चर्चे कभी किसी से ना करे क्योंकि आपके सुख से सूखी होने वाले इस दुनिया मे आपके माता-पिता के अतरिक्त कोई तीसरा नही होग
कामयाब होने के लिए कई बार हमें जो है उसी में शुरुआत कर लेनी होती है, भले तैयारी पूरी ना हो क्योंकि यह इंतजार करने से काफी बेहतर है।
मिलता तो बहुत है इस जिंदगी में, बस हम गिनती उसी की करते है, जो हासिल न हो सका
कोई भी "व्यक्ति" हमारा "मित्र" या "शत्रु" बनकर "संसार" में नही आता हमारा "व्यवहार" और "शब्द" ही लोगो को "मित्र" और "शत्रु" बनाते है
अच्छी ज़िन्दगी जीने के बस दो ही तरीके हैं ! एक जो पसंद है उसे हासिल करलो या जो हासिल है उसे पसंद करना सीखलो !!
अगर आपको ख्याल आये की आप बहुत बुरे हो; तो यकीन मानो अगर आप सच मे बुरे होते तो आपको ये ख्याल ही नही आता
अपनी अमीरी के चर्चे कभी किसी से ना करे क्योंकि आपके सुख से सूखी होने वाले इस दुनिया मे आपके माता-पिता के अतरिक्त कोई तीसरा नही होग