इंसान का व्यक्तित्व तभी उभर के आता है जब वो अपनो से ठोकर खाता है...
जिसने खर्च कम करने की बात सोची समझ लो उसने कमाने की अकल खो दी....
किसी भी व्यक्ति को ज्यादा सुधारना चाहोगे तो वो आपका दुश्मन बन जायेगा
दुसरो पर P.H.D करने से बेहतर है हम खुद "GRADUATE" हो जाये
जो व्यवहार आपको दूसरों से पसंद ना हो ऐसा व्यवहार आप दूसरों के साथ भी ना करे
कभी दूसरों को दिखाने के लिए कोई काम मत करना काम ऐसे करें, कि सभी आपको देखते ही रह जाए
इंसान का व्यक्तित्व तभी उभर के आता है जब वो अपनो से ठोकर खाता है...
जिसने खर्च कम करने की बात सोची समझ लो उसने कमाने की अकल खो दी....
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दुसरो पर P.H.D करने से बेहतर है हम खुद "GRADUATE" हो जाये
जो व्यवहार आपको दूसरों से पसंद ना हो ऐसा व्यवहार आप दूसरों के साथ भी ना करे
कभी दूसरों को दिखाने के लिए कोई काम मत करना काम ऐसे करें, कि सभी आपको देखते ही रह जाए