नाराजगी कभी वहाँ मत रखिये...जहाँ आपको बताना पड़े आप नाराज हो
सफलता पहले से की गई तैयारी पर निर्भर है और बिना तैयारी के असफलता निश्चित है
पूरे की ख्वाहिश में इंसान बहुत कुछ खोता है भूल जाता है की आधा चांद भी खूबसूरत होता है
आपका परम मित्र भी किसी कारण वश, आपका परम शत्रु बनकर खड़ा हो सकता है
हमारा 'व्यवहार' कई बार हमारे 'ज्ञान' से अधिक 'अच्छा' साबित होता है। क्योंकि जीवन में जब 'विषम' परिस्थितियां आती हैं तब ज्ञान 'हार' सकता है परन्तु 'व्यवहार' से हमेशा 'जीत' होने की 'संभावना' रहती है
सम्मान सभी को देना मगर आत्मसम्मान कभी न खोना।
नाराजगी कभी वहाँ मत रखिये...जहाँ आपको बताना पड़े आप नाराज हो
सफलता पहले से की गई तैयारी पर निर्भर है और बिना तैयारी के असफलता निश्चित है
पूरे की ख्वाहिश में इंसान बहुत कुछ खोता है भूल जाता है की आधा चांद भी खूबसूरत होता है
आपका परम मित्र भी किसी कारण वश, आपका परम शत्रु बनकर खड़ा हो सकता है
हमारा 'व्यवहार' कई बार हमारे 'ज्ञान' से अधिक 'अच्छा' साबित होता है। क्योंकि जीवन में जब 'विषम' परिस्थितियां आती हैं तब ज्ञान 'हार' सकता है परन्तु 'व्यवहार' से हमेशा 'जीत' होने की 'संभावना' रहती है
सम्मान सभी को देना मगर आत्मसम्मान कभी न खोना।