"जिंदगी अपने तरीके से जी कर तो देखिए खुशिया खुद ब खुद तुम्हे ढुंडते आएगी…"
जिस दिन आपके सामने कोई समस्या ना आये-तो आप सुनिश्चित कर सकते है की आप गलत रास्ते मे यात्रा कर रहे है
परिस्थिति कुछ भी हो डट कर खड़े रहना चाहिए, सही समय आने पर खट्टी कैरी भी बदल कर मीठा आम बन जाती है...
दुख पर ध्यान दोगे तो हमेशा दुःखी रहोगे..सुख पर ध्यान दोगे तो सुखी रहोगे.जिस चीज पर तुम ध्यान दोगे वह सक्रिय हो जाती है ध्यान सबसे बड़ी कुंजी है
नेत्र केवल हमे दृष्टि प्रदान करते है परंतु हम कब.. किसमे क्या देखते है ये हमारी भावनाओ पर निर्भर करता है।
यदि तुम्हारा पड़ोसी भूखा है तो मंदिर में प्रसाद चढ़ाना पाप है
"जिंदगी अपने तरीके से जी कर तो देखिए खुशिया खुद ब खुद तुम्हे ढुंडते आएगी…"
जिस दिन आपके सामने कोई समस्या ना आये-तो आप सुनिश्चित कर सकते है की आप गलत रास्ते मे यात्रा कर रहे है
परिस्थिति कुछ भी हो डट कर खड़े रहना चाहिए, सही समय आने पर खट्टी कैरी भी बदल कर मीठा आम बन जाती है...
दुख पर ध्यान दोगे तो हमेशा दुःखी रहोगे..सुख पर ध्यान दोगे तो सुखी रहोगे.जिस चीज पर तुम ध्यान दोगे वह सक्रिय हो जाती है ध्यान सबसे बड़ी कुंजी है
नेत्र केवल हमे दृष्टि प्रदान करते है परंतु हम कब.. किसमे क्या देखते है ये हमारी भावनाओ पर निर्भर करता है।
यदि तुम्हारा पड़ोसी भूखा है तो मंदिर में प्रसाद चढ़ाना पाप है