जो आने वाला है वह हमेशा गुजरे कल से बेहतर होगा, यह सोच आपको कभी निराश नही होने देगी
आपके पास जितना समय अभी है, उससे अधिक समय कभी नहीं होगा
क्रोध यमराज के समान है, वह सब कुछ नष्ट कर डालता है. संतोष ही सुख-वैभव प्रदान करता है. विद्या कामधेनु के समान है और तृष्णा वैतरणी के समान कष्टकर है. हमें इन बातों को व्यवहार में लाकर इनके अनुसार ही कार्य करना चाहिए.
किसी दूसरे का टाइमपास बनने से अच्छा है अपने करियर पर ध्यान दो |
परम शत्रु से भी ज्यादा घातक है गलत दिशा में भटकता हुआ आपका मन
सुख और दुःख में सामान रूप से सहायक होना चाहिए।
जो आने वाला है वह हमेशा गुजरे कल से बेहतर होगा, यह सोच आपको कभी निराश नही होने देगी
आपके पास जितना समय अभी है, उससे अधिक समय कभी नहीं होगा
क्रोध यमराज के समान है, वह सब कुछ नष्ट कर डालता है. संतोष ही सुख-वैभव प्रदान करता है. विद्या कामधेनु के समान है और तृष्णा वैतरणी के समान कष्टकर है. हमें इन बातों को व्यवहार में लाकर इनके अनुसार ही कार्य करना चाहिए.
किसी दूसरे का टाइमपास बनने से अच्छा है अपने करियर पर ध्यान दो |
परम शत्रु से भी ज्यादा घातक है गलत दिशा में भटकता हुआ आपका मन
सुख और दुःख में सामान रूप से सहायक होना चाहिए।