अगर परमात्मा तुम्हे कष्ट के पास ले आया तो अवश्य ही वो तुम्हे कष्ट के पार भी ले जाएगा
तकलीफ़े भी अच्छी है..
तकलीफ हमेशा उन्हें बताओ जो समझने के काबिल हो
अगर जींदगी मे कुछ पाना हो तो, तरीके बदलो.. ईरादे नही
ऊँचा उठने के लिए पंखों की जरुरत केवल पक्षियों को ही पड़ती है.. मनुष्य तो जितना विनम्रता से झुकता है उतना ही ऊपर उठता है।।
कोई भी "व्यक्ति" हमारा "मित्र" या "शत्रु" बनकर "संसार" में नही आता हमारा "व्यवहार" और "शब्द" ही लोगो को "मित्र" और "शत्रु" बनाते है
अगर परमात्मा तुम्हे कष्ट के पास ले आया तो अवश्य ही वो तुम्हे कष्ट के पार भी ले जाएगा
तकलीफ़े भी अच्छी है..
तकलीफ हमेशा उन्हें बताओ जो समझने के काबिल हो
अगर जींदगी मे कुछ पाना हो तो, तरीके बदलो.. ईरादे नही
ऊँचा उठने के लिए पंखों की जरुरत केवल पक्षियों को ही पड़ती है.. मनुष्य तो जितना विनम्रता से झुकता है उतना ही ऊपर उठता है।।
कोई भी "व्यक्ति" हमारा "मित्र" या "शत्रु" बनकर "संसार" में नही आता हमारा "व्यवहार" और "शब्द" ही लोगो को "मित्र" और "शत्रु" बनाते है