आप चाहे कितना भी भलाई का काम कर लो, मगर, उस भलाई की उम्र सिर्फ अगली गलती होने तक ही है
खुद की समझदारी भी
जिसे तुम अपना समझ कर खुश हो रहे हो बस यही प्रसनता तुम्हारे दुखो का कारण है
माना की सभी गलत है तेरी नज़रो मे वैसे तु भी कोई फरिश्ता तो नहीं हैं
आप सफलता तब तक नहीं प्राप्त कर सकते जब तक आप में असफल होने का साहस न हो…!
सम्मान सभी को देना मगर आत्मसम्मान कभी न खोना।
आप चाहे कितना भी भलाई का काम कर लो, मगर, उस भलाई की उम्र सिर्फ अगली गलती होने तक ही है
खुद की समझदारी भी
जिसे तुम अपना समझ कर खुश हो रहे हो बस यही प्रसनता तुम्हारे दुखो का कारण है
माना की सभी गलत है तेरी नज़रो मे वैसे तु भी कोई फरिश्ता तो नहीं हैं
आप सफलता तब तक नहीं प्राप्त कर सकते जब तक आप में असफल होने का साहस न हो…!
सम्मान सभी को देना मगर आत्मसम्मान कभी न खोना।