अविनीत व्यक्ति को स्नेही होने पर भी मंत्रणा में नहीं रखना चाहिए।
दुनिया में अधिकांश महत्वपूर्ण चीजें उन लोगों द्वारा पूरी की गई जिन्होंने तब कोशिश की जब कोई उम्मीद नहीं थी
कमियां भले ही हजारों हो तुममे लेकिन खुद पर विश्वाश रखो की तुम सबसे बेहतर करने का हुनर रखते हो
सिर्फ जहर ही मौत नही देता कुछ लोगो की बाते भी काफी होती है
जब अपने ही परिंदे किसी और के दाने के आदी हो जाए तो उन्हें आजाद कर देना चाहिए
सुख दुख तो अतिथि है, बारी बारी से आएंगे, चले जाएंगे यदि वह नहीं आएंगे तो, हम अनुभव कहां से लाएंगे
अविनीत व्यक्ति को स्नेही होने पर भी मंत्रणा में नहीं रखना चाहिए।
दुनिया में अधिकांश महत्वपूर्ण चीजें उन लोगों द्वारा पूरी की गई जिन्होंने तब कोशिश की जब कोई उम्मीद नहीं थी
कमियां भले ही हजारों हो तुममे लेकिन खुद पर विश्वाश रखो की तुम सबसे बेहतर करने का हुनर रखते हो
सिर्फ जहर ही मौत नही देता कुछ लोगो की बाते भी काफी होती है
जब अपने ही परिंदे किसी और के दाने के आदी हो जाए तो उन्हें आजाद कर देना चाहिए
सुख दुख तो अतिथि है, बारी बारी से आएंगे, चले जाएंगे यदि वह नहीं आएंगे तो, हम अनुभव कहां से लाएंगे