यदि आप पैसा खर्च करते समय सोचते है तो इसका मतलब यह है कि आप मेहनत का पैसा कमा रहे है
यदि आप वही करते है जो आप हमेशा से करते आये है तो आप को वही मिलेगा जो हमेशा से मिलता आया है
तकलीफ हमेशा उन्हें बताओ जो समझने के काबिल हो
छोटी छोटी बाते दिल में रखने से, बड़े बड़े रिश्तें कमजोर हो जाते है।
साधुजन के दर्शन से पुण्य प्राप्त होता है. साधु तीर्थों के समान होते हैं, तीर्थों का फल तो कुछ समय बाद मिलता है, किन्तु साधु समागम तुरंत फल देता है’
भरोशा करो लेकिन किसी के भरोशे मत रहो ।
यदि आप पैसा खर्च करते समय सोचते है तो इसका मतलब यह है कि आप मेहनत का पैसा कमा रहे है
यदि आप वही करते है जो आप हमेशा से करते आये है तो आप को वही मिलेगा जो हमेशा से मिलता आया है
तकलीफ हमेशा उन्हें बताओ जो समझने के काबिल हो
छोटी छोटी बाते दिल में रखने से, बड़े बड़े रिश्तें कमजोर हो जाते है।
साधुजन के दर्शन से पुण्य प्राप्त होता है. साधु तीर्थों के समान होते हैं, तीर्थों का फल तो कुछ समय बाद मिलता है, किन्तु साधु समागम तुरंत फल देता है’
भरोशा करो लेकिन किसी के भरोशे मत रहो ।