निराश मत होना जब आप असफल हो जाओ यह तो आपकी सफलता का पहला अध्याय है
शब्द यात्रा करते हैं... इसलिए पीठ पीछे भी, किसी की निंदा न करें
किसी का जवाब ना आना भी एक जवाब ही है की अब वो इंसान आपके साथ नही रहना चाहता आप भी समझदारी के साथ फैसला लीजिये और उसे उसके हाल पर छोड़ दीजिए.
अकेलापन तब महसूस नही होता जब आप अकेले हो बल्कि तब महसूस होता जब कोई आपको परवाह नही करता
पंख मिलते ही जो जमीन भूल जाता है वो ज्यादा दिन आकाश में उड़ नही पता है..
इंसान वो लड़ाई कभी नहीं जीत सकता जिसमें दुश्मन उसके अपने हो
निराश मत होना जब आप असफल हो जाओ यह तो आपकी सफलता का पहला अध्याय है
शब्द यात्रा करते हैं... इसलिए पीठ पीछे भी, किसी की निंदा न करें
किसी का जवाब ना आना भी एक जवाब ही है की अब वो इंसान आपके साथ नही रहना चाहता आप भी समझदारी के साथ फैसला लीजिये और उसे उसके हाल पर छोड़ दीजिए.
अकेलापन तब महसूस नही होता जब आप अकेले हो बल्कि तब महसूस होता जब कोई आपको परवाह नही करता
पंख मिलते ही जो जमीन भूल जाता है वो ज्यादा दिन आकाश में उड़ नही पता है..
इंसान वो लड़ाई कभी नहीं जीत सकता जिसमें दुश्मन उसके अपने हो