तकलीफ़े भी अच्छी है..
जो किसी के FAN है उनका कभी कोई FAN नही बनता
तब तक कमाओ जब तक महँगी चीज़ सस्ती ना लगने लगे चाहे वो सम्मान हो या सामान..
संकट में मनुष्य को वास्तु दोष, पितर दोष शनि दोष सब याद आ जाते है, लेकिन अपने दोष दिखाई नही देते है
पैर में मोच और गिरी हुई सोच, कभी इंसान को आगे बढ़ने नहीं देती
पैदल चलना सेहत के लिए फायदेमंद है लेकिन पैदल पैर से चले दिमाग से नही...
तकलीफ़े भी अच्छी है..
जो किसी के FAN है उनका कभी कोई FAN नही बनता
तब तक कमाओ जब तक महँगी चीज़ सस्ती ना लगने लगे चाहे वो सम्मान हो या सामान..
संकट में मनुष्य को वास्तु दोष, पितर दोष शनि दोष सब याद आ जाते है, लेकिन अपने दोष दिखाई नही देते है
पैर में मोच और गिरी हुई सोच, कभी इंसान को आगे बढ़ने नहीं देती
पैदल चलना सेहत के लिए फायदेमंद है लेकिन पैदल पैर से चले दिमाग से नही...