सब कुछ खोने के बाद भी अगर आपमे हौसला है तो समझ लीजिए आपने कुछ नही खोया है
मनुष्य की वाणी ही विष और अमृत की खान है।
नम्रता से बात करना हर एक का आदर करना शुक्रिया अदा करना और माफी मॉगना ये गुण जिसके पास हैं वो सदा सबके करीब औऱ सबके लिये खास है
बहुत मुश्किल है उस शख्स को गिराना, जिसको चलना ठोकरों ने सिखाया हो .
कभी यह मत सोचो कि आप अकेले हो बल्कि यह सोचो की आप अकेले ही काफी हो
जब भी तुम्हारा हौसला आसमान तक जाएगा याद रखना कोई ना कोई पंख काटने जरूर आएगा.
सब कुछ खोने के बाद भी अगर आपमे हौसला है तो समझ लीजिए आपने कुछ नही खोया है
मनुष्य की वाणी ही विष और अमृत की खान है।
नम्रता से बात करना हर एक का आदर करना शुक्रिया अदा करना और माफी मॉगना ये गुण जिसके पास हैं वो सदा सबके करीब औऱ सबके लिये खास है
बहुत मुश्किल है उस शख्स को गिराना, जिसको चलना ठोकरों ने सिखाया हो .
कभी यह मत सोचो कि आप अकेले हो बल्कि यह सोचो की आप अकेले ही काफी हो
जब भी तुम्हारा हौसला आसमान तक जाएगा याद रखना कोई ना कोई पंख काटने जरूर आएगा.