वक़्त का खाश होना जरूरी नही खाश के लिए वक़्त होना जरूरी है
“भागते रहो अपने लक्ष्य के पीछे, क्यूंकि आज नहीं तो और कभी, करेंगे लोग गौर कभी, लगे रहो बस रुकना मत, आयेगा तुम्हारा दौर कभी।”
बिना सत्य के सारा संसार व्यर्थ है. संसार में सब कुछ सत्य पर टिका है. सत्य के तेज से ही सूर्य तपता है, सत्य पर ही पृथ्वी टिकी है, सत्य के प्रभाव से ही वायु बहती है. सत्य ही जीवन का सच है.
मौन एक ऐसा तर्क है जिसका खण्डन कर पाना अत्यंत दुष्कर है
खोई चीज अक्सर वही मिल जाती है, जहां वो खोई है, पर विश्वास वहीं नहीं मिलता जहाँ पर खोया गया था
यदि आपके पास जो कुछ है उससे आप संतुष्ट हो और खुश हो तो आप बहुत अमीर हो
वक़्त का खाश होना जरूरी नही खाश के लिए वक़्त होना जरूरी है
“भागते रहो अपने लक्ष्य के पीछे, क्यूंकि आज नहीं तो और कभी, करेंगे लोग गौर कभी, लगे रहो बस रुकना मत, आयेगा तुम्हारा दौर कभी।”
बिना सत्य के सारा संसार व्यर्थ है. संसार में सब कुछ सत्य पर टिका है. सत्य के तेज से ही सूर्य तपता है, सत्य पर ही पृथ्वी टिकी है, सत्य के प्रभाव से ही वायु बहती है. सत्य ही जीवन का सच है.
मौन एक ऐसा तर्क है जिसका खण्डन कर पाना अत्यंत दुष्कर है
खोई चीज अक्सर वही मिल जाती है, जहां वो खोई है, पर विश्वास वहीं नहीं मिलता जहाँ पर खोया गया था
यदि आपके पास जो कुछ है उससे आप संतुष्ट हो और खुश हो तो आप बहुत अमीर हो