कभी भी अपने अतीत, धन, नकारात्मकता और अन्य लोगो के CONTROL में न रहे
"उपलब्धि" और "आलोचना" एक दूसरे के मित्र हैं !! उपलब्धियां बढ़ेगी तो निश्चित ही आपकी आलोचना भी बढ़ेगी
अभिमान मत करो कि मुझे किसी की ज़रूरत नही आत्मनिर्भर बनो की में कर सकता हु हर चीज़ पर वहम भी नही की मेरे बिना कुछ हो नही सकता
इंसान को अलार्म नही, जिम्मेदारियां जगाती है
ज़िन्दगी बहुत हसीन है, कभी हंसाती है, तो कभी रुलाती है, लेकिन जो ज़िन्दगी की भीड़ में खुश रहता है, ज़िन्दगी उसी के आगे सिर झुकाती है।
मुस्करा कर देखो तो सारा जहाॅ रंगीन है, वर्ना भीगी पलको से तो आईना भी धुधंला नजर आता है।
कभी भी अपने अतीत, धन, नकारात्मकता और अन्य लोगो के CONTROL में न रहे
"उपलब्धि" और "आलोचना" एक दूसरे के मित्र हैं !! उपलब्धियां बढ़ेगी तो निश्चित ही आपकी आलोचना भी बढ़ेगी
अभिमान मत करो कि मुझे किसी की ज़रूरत नही आत्मनिर्भर बनो की में कर सकता हु हर चीज़ पर वहम भी नही की मेरे बिना कुछ हो नही सकता
इंसान को अलार्म नही, जिम्मेदारियां जगाती है
ज़िन्दगी बहुत हसीन है, कभी हंसाती है, तो कभी रुलाती है, लेकिन जो ज़िन्दगी की भीड़ में खुश रहता है, ज़िन्दगी उसी के आगे सिर झुकाती है।
मुस्करा कर देखो तो सारा जहाॅ रंगीन है, वर्ना भीगी पलको से तो आईना भी धुधंला नजर आता है।