"जीवन" में "पीछे" देखो "अनुभव" मिलेगा "जीवन में "आगे" देखो तो "आशा" मिलेगी "दायें" "बायें" देखो तो "सत्य" मिलेगा "स्वयं" के "अंदर" देखो तो "परमात्मा" और "आत्मविश्वास" मिलेगा
कोई तब तक आपकी सवारी नहीं कर सकता जब तक आपकी पीठ झुकी ना हो
जिसे तुम अपना समझ कर खुश हो रहे हो बस यही प्रसनता तुम्हारे दुखो का कारण है..!!
थोड़ा सा अभ्यास बहुत सारे उपदेशों से बेहतर है
जीवन की सबसे बड़ी गलती वही होती है जिस गलती से हम कुछ सिख नही पाते है
दुख पर ध्यान दोगे तो हमेशा दुःखी रहोगे..सुख पर ध्यान दोगे तो सुखी रहोगे.जिस चीज पर तुम ध्यान दोगे वह सक्रिय हो जाती है ध्यान सबसे बड़ी कुंजी है
"जीवन" में "पीछे" देखो "अनुभव" मिलेगा "जीवन में "आगे" देखो तो "आशा" मिलेगी "दायें" "बायें" देखो तो "सत्य" मिलेगा "स्वयं" के "अंदर" देखो तो "परमात्मा" और "आत्मविश्वास" मिलेगा
कोई तब तक आपकी सवारी नहीं कर सकता जब तक आपकी पीठ झुकी ना हो
जिसे तुम अपना समझ कर खुश हो रहे हो बस यही प्रसनता तुम्हारे दुखो का कारण है..!!
थोड़ा सा अभ्यास बहुत सारे उपदेशों से बेहतर है
जीवन की सबसे बड़ी गलती वही होती है जिस गलती से हम कुछ सिख नही पाते है
दुख पर ध्यान दोगे तो हमेशा दुःखी रहोगे..सुख पर ध्यान दोगे तो सुखी रहोगे.जिस चीज पर तुम ध्यान दोगे वह सक्रिय हो जाती है ध्यान सबसे बड़ी कुंजी है