एक ऐसा लक्ष्य भी होना चाहिए जो सुबह उठने पर मजबूर कर दे.
कही ज़िद पूरी ... कही जरूरत भी अधूरी..... कही सुगंध भी नहीं.. कहीं .. पूरा जीवन कस्तूरी.! इसीका नाम तो है जिंदगी.......
अगर वाकई में तुमको कामयाब होना है तो अपने बीते कल में जीना छोड़ दो
'इरादे' इतने कमजोर नही होने चाहिए की लोगो की बातों में आकर टूट जाए
सोने के साथ मिलकर चांदी भी सोने जैसी दिखाई पड़ती है अर्थात सत्संग का प्रभाव मनुष्य पर अवश्य पड़ता है।
बाहर की चुनौतियों से नहीं हम अपने अंदर आत्मविश्वास की कमी के कारण असफल होते है
एक ऐसा लक्ष्य भी होना चाहिए जो सुबह उठने पर मजबूर कर दे.
कही ज़िद पूरी ... कही जरूरत भी अधूरी..... कही सुगंध भी नहीं.. कहीं .. पूरा जीवन कस्तूरी.! इसीका नाम तो है जिंदगी.......
अगर वाकई में तुमको कामयाब होना है तो अपने बीते कल में जीना छोड़ दो
'इरादे' इतने कमजोर नही होने चाहिए की लोगो की बातों में आकर टूट जाए
सोने के साथ मिलकर चांदी भी सोने जैसी दिखाई पड़ती है अर्थात सत्संग का प्रभाव मनुष्य पर अवश्य पड़ता है।
बाहर की चुनौतियों से नहीं हम अपने अंदर आत्मविश्वास की कमी के कारण असफल होते है