ये जिंदगी तभी तक झंड लगती है जब तक जिंदगी में पैसा ना हो
दोस्ती करनी हो तो गणित के जीरो जैसी करो साहब जिसके साथ मिल जाओ उसकी कीमत बढ़ जाये
दूसरों की गलती से भी सीखा करो, खुद की गलती से सीखने चलोगे तो सफलता जल्दी नहीं मिलेगी
निराश मत होना जब आप असफल हो जाओ यह तो आपकी सफलता का पहला अध्याय है
खुशनसीब वो नहीं. जिसका नसीब अच्छा है. खुशनसीब वो है जो अपने नसीब से खुश है
अधर्म बुद्धि से आत्मविनाश की सुचना मिलती है।
ये जिंदगी तभी तक झंड लगती है जब तक जिंदगी में पैसा ना हो
दोस्ती करनी हो तो गणित के जीरो जैसी करो साहब जिसके साथ मिल जाओ उसकी कीमत बढ़ जाये
दूसरों की गलती से भी सीखा करो, खुद की गलती से सीखने चलोगे तो सफलता जल्दी नहीं मिलेगी
निराश मत होना जब आप असफल हो जाओ यह तो आपकी सफलता का पहला अध्याय है
खुशनसीब वो नहीं. जिसका नसीब अच्छा है. खुशनसीब वो है जो अपने नसीब से खुश है
अधर्म बुद्धि से आत्मविनाश की सुचना मिलती है।