किसी को डर है कि भगवान देख रहा है किसी को भरोसा है कि भगवान देख रहा है
मानव कितनी भी बनावट करे अंधेरे में "छाया" बुढ़ापे में "काया" और अंत समय में "माया" किसी का साथ नहीं देती
तू रख यकीन बस अपने इरादों पर, तेरी हार, तेरे हौसलों से तो बड़ी नहीं होगी ।
मिट्टी का मटका और परिवार की क़ीमत सिर्फ बनाने वाले को ही पता होती है, तोड़ने वाले को नहीं !!
कोई विश्वास तोड़े तो उसका भी धन्यवाद करें,, वह हमे सिखाते है की,, विश्वास बहुत सोच -समझकर करना चाहिए !!!!
जीवन में उन सपनों का कोई महत्व नही जिनको पूरा करने के लिए अपनो से ही छल करना पड़े
किसी को डर है कि भगवान देख रहा है किसी को भरोसा है कि भगवान देख रहा है
मानव कितनी भी बनावट करे अंधेरे में "छाया" बुढ़ापे में "काया" और अंत समय में "माया" किसी का साथ नहीं देती
तू रख यकीन बस अपने इरादों पर, तेरी हार, तेरे हौसलों से तो बड़ी नहीं होगी ।
मिट्टी का मटका और परिवार की क़ीमत सिर्फ बनाने वाले को ही पता होती है, तोड़ने वाले को नहीं !!
कोई विश्वास तोड़े तो उसका भी धन्यवाद करें,, वह हमे सिखाते है की,, विश्वास बहुत सोच -समझकर करना चाहिए !!!!
जीवन में उन सपनों का कोई महत्व नही जिनको पूरा करने के लिए अपनो से ही छल करना पड़े