घाव को भरने के लिए आपको उसे छूना बंद करना होगा
परिस्थिति कुछ भी हो डट कर खड़े रहना चाहिए, सही समय आने पर खट्टी कैरी भी बदल कर मीठा आम बन जाती है...
” जिस इंसान ने कभी ग़लती नहीं की उसने.. कभी कुछ नया करने की कोशिश ही नहीं की।“
दुनिया उन्हीं की खैरियत पूछती है जो पहले से ही खुश हों, जो तकलीफ में होते हैं उनके तो नंबर तक खो जाते है।
अभिमान नहीं होना चाहिए कि मुझे किसी की जरूरत नहीं पड़ेगी, और यह वहम भी नहीं होना चाहिए कि सबको मेरी जरूरत पड़ेगी......!!
अच्छे के साथ अच्छा बने बुरे के साथ बुरा नही क्योंकि हीरे से हीरे को तराश तो जा सकता है लेकिन कीचड़ से कीचड़ साफ नही हो सकता
घाव को भरने के लिए आपको उसे छूना बंद करना होगा
परिस्थिति कुछ भी हो डट कर खड़े रहना चाहिए, सही समय आने पर खट्टी कैरी भी बदल कर मीठा आम बन जाती है...
” जिस इंसान ने कभी ग़लती नहीं की उसने.. कभी कुछ नया करने की कोशिश ही नहीं की।“
दुनिया उन्हीं की खैरियत पूछती है जो पहले से ही खुश हों, जो तकलीफ में होते हैं उनके तो नंबर तक खो जाते है।
अभिमान नहीं होना चाहिए कि मुझे किसी की जरूरत नहीं पड़ेगी, और यह वहम भी नहीं होना चाहिए कि सबको मेरी जरूरत पड़ेगी......!!
अच्छे के साथ अच्छा बने बुरे के साथ बुरा नही क्योंकि हीरे से हीरे को तराश तो जा सकता है लेकिन कीचड़ से कीचड़ साफ नही हो सकता