थक कर ना बैठ ऐ मंज़िल के मुसाफिर, मंज़िल भी मिलेगी और मिलने का मजा भी आयेगा !!
इच्छा पूरी ना हो तो क्रोध बढ़ता है अगर इच्छा पूरी हो तो लोभ बढ़ता है जीवन मे इसलिए हर एक इस्थिति में धैर्य बनाये रखना ही श्रेष्ठता है।
इस दुनिया में सब कुछ एकदम से नहीं मिल जाता| परिश्रम करना पड़ता है और वह भी लगन से! सूरज भी एक दम से नहीं उग जाता, वह भी धीरे धीरे उठकर संसार को प्रकाशित करता है। अगर आप में धैर्य है, साहस है तो आप जीवन में नयी ऊंचाइयों को छू सकते हैं।
कोई किसी को सिखा नही सकता जब खुद में इच्छा जागती है तभी कोई सिख पाता है
झूठी कसम से इंसान तो नही मरता मगर भरोसा जरूर मर जाता है
विश्वाश में वो ताकत है जिससे हम जो चाहे संपत्ति खरीद सकते है
थक कर ना बैठ ऐ मंज़िल के मुसाफिर, मंज़िल भी मिलेगी और मिलने का मजा भी आयेगा !!
इच्छा पूरी ना हो तो क्रोध बढ़ता है अगर इच्छा पूरी हो तो लोभ बढ़ता है जीवन मे इसलिए हर एक इस्थिति में धैर्य बनाये रखना ही श्रेष्ठता है।
इस दुनिया में सब कुछ एकदम से नहीं मिल जाता| परिश्रम करना पड़ता है और वह भी लगन से! सूरज भी एक दम से नहीं उग जाता, वह भी धीरे धीरे उठकर संसार को प्रकाशित करता है। अगर आप में धैर्य है, साहस है तो आप जीवन में नयी ऊंचाइयों को छू सकते हैं।
कोई किसी को सिखा नही सकता जब खुद में इच्छा जागती है तभी कोई सिख पाता है
झूठी कसम से इंसान तो नही मरता मगर भरोसा जरूर मर जाता है
विश्वाश में वो ताकत है जिससे हम जो चाहे संपत्ति खरीद सकते है