सब कुछ खोने के बाद भी अगर आपमे हौसला है तो समझ लीजिए आपने कुछ नही खोया है
अगर हम खुद की माने और विश्वाश करे तो हमारा हर कदम सफलता है
पहले निश्चय करिएँ, फिर कार्य आरम्भ करें।
पहचान से मिला काम थोड़े समय तक ही टिकता है लेकिन काम से मिली "पहचान" उम्र भर रहती है।
अहंकार में डूबे इंसान को न तो खुद की गलतियां दिखाई देती है ना ही दुसरो की अच्छी बातें
परम शत्रु से भी ज्यादा घातक है गलत दिशा में भटकता हुआ आपका मन
सब कुछ खोने के बाद भी अगर आपमे हौसला है तो समझ लीजिए आपने कुछ नही खोया है
अगर हम खुद की माने और विश्वाश करे तो हमारा हर कदम सफलता है
पहले निश्चय करिएँ, फिर कार्य आरम्भ करें।
पहचान से मिला काम थोड़े समय तक ही टिकता है लेकिन काम से मिली "पहचान" उम्र भर रहती है।
अहंकार में डूबे इंसान को न तो खुद की गलतियां दिखाई देती है ना ही दुसरो की अच्छी बातें
परम शत्रु से भी ज्यादा घातक है गलत दिशा में भटकता हुआ आपका मन