ख़ामोशी से भी नेक काम होते हैं, मैंने देखा है पेड़ों को छाँव देते हुए.
ये जिंदगी तभी तक झंड लगती है जब तक जिंदगी में पैसा ना हो
वजूद सबका अपना अपना है सूर्य के सामने दीपक का ना सही अंधेरे के आगे बहुत कुछ है
कौन चला गया ये important नही है, कौन अब भी है ये important है.
रिश्ता रखो तो सच्चा नही तो अलविदा ही अच्छा
ईश्वर की महिमा की थाह कोई नहीं पा सकता. वह पल भर में राजा को रंक और रंक को राजा बना सकता है. धनी को निर्धन और निर्धन को धनी करना उसके लिए सहज है.
ख़ामोशी से भी नेक काम होते हैं, मैंने देखा है पेड़ों को छाँव देते हुए.
ये जिंदगी तभी तक झंड लगती है जब तक जिंदगी में पैसा ना हो
वजूद सबका अपना अपना है सूर्य के सामने दीपक का ना सही अंधेरे के आगे बहुत कुछ है
कौन चला गया ये important नही है, कौन अब भी है ये important है.
रिश्ता रखो तो सच्चा नही तो अलविदा ही अच्छा
ईश्वर की महिमा की थाह कोई नहीं पा सकता. वह पल भर में राजा को रंक और रंक को राजा बना सकता है. धनी को निर्धन और निर्धन को धनी करना उसके लिए सहज है.