अगर हम खुद की माने और विश्वाश करे तो हमारा हर कदम सफलता है
हमारा 'व्यवहार' कई बार हमारे 'ज्ञान' से अधिक 'अच्छा' साबित होता है। क्योंकि जीवन में जब 'विषम' परिस्थितियां आती हैं तब ज्ञान 'हार' सकता है परन्तु 'व्यवहार' से हमेशा 'जीत' होने की 'संभावना' रहती है
कमियां भले ही हजारों हो तुममे लेकिन खुद पर विश्वाश रखो की तुम सबसे बेहतर करने का हुनर रखते हो
छाता ओर दिमाग तभी काम करते है जब वो खुले हो बंद होने पर दोनों बोझ लगते है
"बहुत ही आसान है, ज़मीं पर मकान बना लेना... दिल में जगह बनाने में ज़िन्दगी गुज़र जाती है..!!!"
गुरु का हाथ पकड़ के चलो, लोगों के पैर पकड़ने की नौबत नहीं आएगी
अगर हम खुद की माने और विश्वाश करे तो हमारा हर कदम सफलता है
हमारा 'व्यवहार' कई बार हमारे 'ज्ञान' से अधिक 'अच्छा' साबित होता है। क्योंकि जीवन में जब 'विषम' परिस्थितियां आती हैं तब ज्ञान 'हार' सकता है परन्तु 'व्यवहार' से हमेशा 'जीत' होने की 'संभावना' रहती है
कमियां भले ही हजारों हो तुममे लेकिन खुद पर विश्वाश रखो की तुम सबसे बेहतर करने का हुनर रखते हो
छाता ओर दिमाग तभी काम करते है जब वो खुले हो बंद होने पर दोनों बोझ लगते है
"बहुत ही आसान है, ज़मीं पर मकान बना लेना... दिल में जगह बनाने में ज़िन्दगी गुज़र जाती है..!!!"
गुरु का हाथ पकड़ के चलो, लोगों के पैर पकड़ने की नौबत नहीं आएगी