तुम्हारी गलती केवल तुम्हारी ही गलती होगी तुम्हरी हार सिर्फ तुम्हारी हार है किसी को दोष देने की बजाय अपनी गलती को सुधारा और आगे बड़ों|

तुम्हारी गलती केवल तुम्हारी ही गलती होगी तुम्हरी हार सिर्फ तुम्हारी हार है किसी को दोष देने की बजाय अपनी गलती को सुधारा और आगे बड़ों|

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जंजीर नहीं कटती तो अपने पांव काट लो, लंगड़ा कर चलो, मगर आज़ादी से चलो

" समय " और " शब्द ' दोनों का उपयोग " लापरवाही " से ना करें क्योंकि ये " दोनों " ना दुबारा आते हैं ना " मौका " देते है !

खिचड़ी अगर बर्तन में पके तो बीमार को ठीक कर देती है और यदि दिमाग में पके तो इंसान को बीमार कर देती है

इंसान कहता हैं कि पैसा आये तो मैं कुछ कर के दिखाऊ और पैसा कहता हैं कि तू कुछ कर तो मैं आऊं.

भावनाएं इंसान को इंसान से जोड़ती हैं. दूर रहने वाला भी यदि हमारा प्रिय है तो वह हमेशा दिल के पास रहता है, जबकि पास रहने वाला भी हमारे दिल से कोसों दूर ही रहता है क्योंकि उसके लिए हमारे दिल में जगह नहीं होती.

“भागते रहो अपने लक्ष्य के पीछे, क्यूंकि आज नहीं तो और कभी, करेंगे लोग गौर कभी, लगे रहो बस रुकना मत, आयेगा तुम्हारा दौर कभी।”

जंजीर नहीं कटती तो अपने पांव काट लो, लंगड़ा कर चलो, मगर आज़ादी से चलो

" समय " और " शब्द ' दोनों का उपयोग " लापरवाही " से ना करें क्योंकि ये " दोनों " ना दुबारा आते हैं ना " मौका " देते है !

खिचड़ी अगर बर्तन में पके तो बीमार को ठीक कर देती है और यदि दिमाग में पके तो इंसान को बीमार कर देती है

इंसान कहता हैं कि पैसा आये तो मैं कुछ कर के दिखाऊ और पैसा कहता हैं कि तू कुछ कर तो मैं आऊं.

भावनाएं इंसान को इंसान से जोड़ती हैं. दूर रहने वाला भी यदि हमारा प्रिय है तो वह हमेशा दिल के पास रहता है, जबकि पास रहने वाला भी हमारे दिल से कोसों दूर ही रहता है क्योंकि उसके लिए हमारे दिल में जगह नहीं होती.

“भागते रहो अपने लक्ष्य के पीछे, क्यूंकि आज नहीं तो और कभी, करेंगे लोग गौर कभी, लगे रहो बस रुकना मत, आयेगा तुम्हारा दौर कभी।”