तुम्हारी गलती केवल तुम्हारी ही गलती होगी तुम्हरी हार सिर्फ तुम्हारी हार है किसी को दोष देने की बजाय अपनी गलती को सुधारा और आगे बड़ों|

तुम्हारी गलती केवल तुम्हारी ही गलती होगी तुम्हरी हार सिर्फ तुम्हारी हार है किसी को दोष देने की बजाय अपनी गलती को सुधारा और आगे बड़ों|

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खुद की समझदारी भी

मै रात भर जन्‍नत की सैर करता रहा यारों, आंख खुली तोह देखा सर माँ के कदमो मे था.

वक़्त बदलते देर नही लगती इसलिए कभी भी हद से ज्यादा फूलों मत और अपनों को कभी भूलो मत

जीवन कठिन तब लगता है जब हम स्वयं में बदलाव करने के बजय परिस्थितयो को बदलने का प्रयास करते है

कुछ बनना है तो शौक से बनो,पर खयाल रखना की भीड़ का हिस्सा मत बनो हाँ, भीड़ जिसके लिए जुटे वो किस्सा जरुर बनो

त्याग के बिना कुछ भी पाना संभव नही क्योंकि सांस लेने के लिए भी पहले सांस छोड़नी पड़ती है.।

खुद की समझदारी भी

मै रात भर जन्‍नत की सैर करता रहा यारों, आंख खुली तोह देखा सर माँ के कदमो मे था.

वक़्त बदलते देर नही लगती इसलिए कभी भी हद से ज्यादा फूलों मत और अपनों को कभी भूलो मत

जीवन कठिन तब लगता है जब हम स्वयं में बदलाव करने के बजय परिस्थितयो को बदलने का प्रयास करते है

कुछ बनना है तो शौक से बनो,पर खयाल रखना की भीड़ का हिस्सा मत बनो हाँ, भीड़ जिसके लिए जुटे वो किस्सा जरुर बनो

त्याग के बिना कुछ भी पाना संभव नही क्योंकि सांस लेने के लिए भी पहले सांस छोड़नी पड़ती है.।