जिंदगी के हर मोड़ पर हमे वही करना चाहिये..... जो हमारा दिल हमसे कहे, क्योंकि जो दिमाग कहता है वो "मज़बूरी" होती है, और जो दिल कहता है वो "मंजूरी" होती है...
शासक को स्वयं योग्य बनकर योग्य प्रशासकों की सहायता से शासन करना चाहिए।
सलाह के सौ शब्दों से ज्यादा अनुभव की एक ठोकर इंसान को बहुत मजबूत बनाती है
उतनी देर तक ही खामोश रहो, जब तक लोग तुम्हें कमजोर न समझे
यदि आपके पास जो कुछ है उससे आप संतुष्ट हो और खुश हो तो आप बहुत अमीर हो
इंसान को कठिनाइयों की आवश्यकता होती है, क्योंकि सफलता का आनंद उठाने के लिए ये ज़रूरी है।
जिंदगी के हर मोड़ पर हमे वही करना चाहिये..... जो हमारा दिल हमसे कहे, क्योंकि जो दिमाग कहता है वो "मज़बूरी" होती है, और जो दिल कहता है वो "मंजूरी" होती है...
शासक को स्वयं योग्य बनकर योग्य प्रशासकों की सहायता से शासन करना चाहिए।
सलाह के सौ शब्दों से ज्यादा अनुभव की एक ठोकर इंसान को बहुत मजबूत बनाती है
उतनी देर तक ही खामोश रहो, जब तक लोग तुम्हें कमजोर न समझे
यदि आपके पास जो कुछ है उससे आप संतुष्ट हो और खुश हो तो आप बहुत अमीर हो
इंसान को कठिनाइयों की आवश्यकता होती है, क्योंकि सफलता का आनंद उठाने के लिए ये ज़रूरी है।