अपने आप को हर परिश्थिति में शांत रहने के लिए तैयार करे.
रिश्ते तो सूर्यमुखी के फूलों की तरह होते हैं जिधर प्यार मिले... उधर ही घूम जाते हैं...
महानता कभी ना गिरने में नहीं है, बल्कि हर बार गिरकर उठ जाने में है
ज्वाला जगा अन्दर, किस बात से है तंग, दुनिया से नहीं, खुद से है तेरी जंग
अपने अंदर के छोटे-छोटे कमियों को सुधार लीजिये, क्योंकि एक छोटा सा छेद ही समुंद्री जहाज के डूबने का कारण बन जाता है
कुछ लोग आपसे नफरत इसलिए करने लगते है क्योंकि आपकी सही बात उसे कड़वी लग जाती है
अपने आप को हर परिश्थिति में शांत रहने के लिए तैयार करे.
रिश्ते तो सूर्यमुखी के फूलों की तरह होते हैं जिधर प्यार मिले... उधर ही घूम जाते हैं...
महानता कभी ना गिरने में नहीं है, बल्कि हर बार गिरकर उठ जाने में है
ज्वाला जगा अन्दर, किस बात से है तंग, दुनिया से नहीं, खुद से है तेरी जंग
अपने अंदर के छोटे-छोटे कमियों को सुधार लीजिये, क्योंकि एक छोटा सा छेद ही समुंद्री जहाज के डूबने का कारण बन जाता है
कुछ लोग आपसे नफरत इसलिए करने लगते है क्योंकि आपकी सही बात उसे कड़वी लग जाती है