बादशाह सिर्फ वक्त होता है, इन्सान तो यूँ ही गुरुर करता है
कल के लिए सबसे अच्छी तैयारी यही है कि आज अच्छा करो
जहाँ दूसरों को समझाना मुश्किल हो जाये, वहाँ खुद को समझा लेना ही बेहतर होता है
जीवन की परीक्षा में,कोई अंक नहीं मिलते हैं पर, लोग आपको हृदय से स्मरण करें तो, समझ लेना आप उतीर्ण हो गय
वक्त बीतने के बाद अक्सर यह अहसास होता है.. जो छूट गया वो लम्हा
संसार में सुई बनकर रहे, कैंची बनकर नही क्योंकि सुई 2 को 1 कर देती है और कैंची 1 को 2 कर देती है अर्थात सबको जोड़ो, तोड़ो नही
बादशाह सिर्फ वक्त होता है, इन्सान तो यूँ ही गुरुर करता है
कल के लिए सबसे अच्छी तैयारी यही है कि आज अच्छा करो
जहाँ दूसरों को समझाना मुश्किल हो जाये, वहाँ खुद को समझा लेना ही बेहतर होता है
जीवन की परीक्षा में,कोई अंक नहीं मिलते हैं पर, लोग आपको हृदय से स्मरण करें तो, समझ लेना आप उतीर्ण हो गय
वक्त बीतने के बाद अक्सर यह अहसास होता है.. जो छूट गया वो लम्हा
संसार में सुई बनकर रहे, कैंची बनकर नही क्योंकि सुई 2 को 1 कर देती है और कैंची 1 को 2 कर देती है अर्थात सबको जोड़ो, तोड़ो नही