गुरू केवल आपको शिक्षा दे सकता है उसका उपयोग कैसे करना है ये आपके ऊपर निर्भर करता हैं ।
"एक्सपीरिंयस वो है जो आपको तब मिलता है, जब आपको वो नही मिलता है जो आप चाहते थे।"
समझदार व्यक्ति अपनी समझदारी की वजह से चुप हो जाता है और मूर्ख को लगता है कि मेरे डर की वजह से चुप हो गया
माफी मांगने का मतलब यह नहीं है कि हम गलत है या सामने वाला सही है....इसका मतलब है कि हम रिश्तों को अपने अंहकार से ज्यादा महत्व देते हैं
आपके सामने जो दूसरों की बुराई करता है उससे यह उम्मीद मत रखिए कि वह दूसरों के सामने आपकी तारीफ करेगा
तो क्या हुआ जो पहली बार में सफलता नहीं मिली, वैसे तो ईश्वर आज तक भी नहीं मिला, लेकिन क्या हमने पूजा करना छोड़ दिया
गुरू केवल आपको शिक्षा दे सकता है उसका उपयोग कैसे करना है ये आपके ऊपर निर्भर करता हैं ।
"एक्सपीरिंयस वो है जो आपको तब मिलता है, जब आपको वो नही मिलता है जो आप चाहते थे।"
समझदार व्यक्ति अपनी समझदारी की वजह से चुप हो जाता है और मूर्ख को लगता है कि मेरे डर की वजह से चुप हो गया
माफी मांगने का मतलब यह नहीं है कि हम गलत है या सामने वाला सही है....इसका मतलब है कि हम रिश्तों को अपने अंहकार से ज्यादा महत्व देते हैं
आपके सामने जो दूसरों की बुराई करता है उससे यह उम्मीद मत रखिए कि वह दूसरों के सामने आपकी तारीफ करेगा
तो क्या हुआ जो पहली बार में सफलता नहीं मिली, वैसे तो ईश्वर आज तक भी नहीं मिला, लेकिन क्या हमने पूजा करना छोड़ दिया