दुनिया मे अधिक गम है उन सबको देखते हुए आपका बहुत कम है
मंजिल चाहे कितनी भी ऊँची क्यों ना हो उसके रास्ते हमेशा पैरों के नीचे से ही जाते है।
नसीहत वो सच्चाई है, जिसे हम कभी ध्यान से नही सुनते। और तारीफ वो धोखा है, जिसे हम हमेशा ध्यान से सुनते हैं।
खुद को खोजिए नही तो जीवन भर आपको दूसरों की राय पर निर्भर रहना पड़ेगा..!!
हम जो सोचते हैं, वो बन जाते हैं
लोगो की बातों पे गौर करना, वो बातों से अच्छा चाहते है इरादों से नही
दुनिया मे अधिक गम है उन सबको देखते हुए आपका बहुत कम है
मंजिल चाहे कितनी भी ऊँची क्यों ना हो उसके रास्ते हमेशा पैरों के नीचे से ही जाते है।
नसीहत वो सच्चाई है, जिसे हम कभी ध्यान से नही सुनते। और तारीफ वो धोखा है, जिसे हम हमेशा ध्यान से सुनते हैं।
खुद को खोजिए नही तो जीवन भर आपको दूसरों की राय पर निर्भर रहना पड़ेगा..!!
हम जो सोचते हैं, वो बन जाते हैं
लोगो की बातों पे गौर करना, वो बातों से अच्छा चाहते है इरादों से नही