हर बहाना किनारे कर दीजिए और केवल इस बात को याद रखिए हां मैं कर सकता हूं
कठिन समय के लिए धन की रक्षा करनी चाहिए।
किसी के आगे हाथ फैलाने से अच्छा अपने हाथों को काम मे लगा दो
जो आपके शब्दों का "मूल्य" नहीं समझता उसके सामने मौन रहना ही बेहतर है.
मानव कितनी भी बनावट करे अंधेरे में "छाया" बुढ़ापे में "काया" और अंत समय में "माया" किसी का साथ नहीं देती
मन मे उतरना और मन से उतरना, केवल आपके स्वभाव पर निर्भर करता है
हर बहाना किनारे कर दीजिए और केवल इस बात को याद रखिए हां मैं कर सकता हूं
कठिन समय के लिए धन की रक्षा करनी चाहिए।
किसी के आगे हाथ फैलाने से अच्छा अपने हाथों को काम मे लगा दो
जो आपके शब्दों का "मूल्य" नहीं समझता उसके सामने मौन रहना ही बेहतर है.
मानव कितनी भी बनावट करे अंधेरे में "छाया" बुढ़ापे में "काया" और अंत समय में "माया" किसी का साथ नहीं देती
मन मे उतरना और मन से उतरना, केवल आपके स्वभाव पर निर्भर करता है