अच्छे के साथ बुरा भी उसके अच्छे के लिए ही होता है..
"अगर अपनी औकात देखनी है तो अपने बाप के पैसे का इस्तेमाल करना छोड़ दो."
अगर ज़िन्दगी में सुकून चाहते हो तो लोगों की बातों को दिल से लगाना छोड़ दो
जिसने खर्च कम करने की बात सोची समझ लो उसने कमाने की अकल खो दी....
मूर्ख को उपदेश शत्रु के समान लगता है. लोभियों अथवा कंजूसो को याचक (भिखारी) शत्रु सा लगता है. व्यभिचारिणी स्त्री को उसका पति शत्रु लगता है, तो चोरों को चंद्रमा शत्रु लगता है.
हर सुबह इस यकीन के साथ उठो कि मेरा आज बीते हुए कल से बेहतर होगा
अच्छे के साथ बुरा भी उसके अच्छे के लिए ही होता है..
"अगर अपनी औकात देखनी है तो अपने बाप के पैसे का इस्तेमाल करना छोड़ दो."
अगर ज़िन्दगी में सुकून चाहते हो तो लोगों की बातों को दिल से लगाना छोड़ दो
जिसने खर्च कम करने की बात सोची समझ लो उसने कमाने की अकल खो दी....
मूर्ख को उपदेश शत्रु के समान लगता है. लोभियों अथवा कंजूसो को याचक (भिखारी) शत्रु सा लगता है. व्यभिचारिणी स्त्री को उसका पति शत्रु लगता है, तो चोरों को चंद्रमा शत्रु लगता है.
हर सुबह इस यकीन के साथ उठो कि मेरा आज बीते हुए कल से बेहतर होगा