शब्द यात्रा करते हैं इसलिए पीठ पीछे भी, किसी की निंदा न करें
सिर्फ आसमान छू लेना ही कामयाबी नहीं है असली कामयाबी तो वो है कि आसमान भी छू लो, और पाँव भी ज़मीन पर हों
सिर्फ जहर ही मौत नही देता कुछ लोगो की बाते भी काफी होती है
उम्मीद हमे कभी भी छोड़ कर नहीं जाती बस हम ही उसे छोड़ देते है
क्षमता और ज्ञान को हमेशा अपना गुरु बनाओ अपना गुरुर नही
मीठे शब्दों से कही गई बात अनेक तरह से कल्याण करती है, लेकिन कटु शब्दों में कही गई बात अनर्थ का कारण बन जाती है।
शब्द यात्रा करते हैं इसलिए पीठ पीछे भी, किसी की निंदा न करें
सिर्फ आसमान छू लेना ही कामयाबी नहीं है असली कामयाबी तो वो है कि आसमान भी छू लो, और पाँव भी ज़मीन पर हों
सिर्फ जहर ही मौत नही देता कुछ लोगो की बाते भी काफी होती है
उम्मीद हमे कभी भी छोड़ कर नहीं जाती बस हम ही उसे छोड़ देते है
क्षमता और ज्ञान को हमेशा अपना गुरु बनाओ अपना गुरुर नही
मीठे शब्दों से कही गई बात अनेक तरह से कल्याण करती है, लेकिन कटु शब्दों में कही गई बात अनर्थ का कारण बन जाती है।