किसी से प्रतिशोध लेने का आनंद केवल दो दिन तक रहेगा !! परन्तु उसे क्षमा कर देने का आनंद जीवन भर रहेगा !!
आजादी अच्छी चीज है, लेकिन ? कबूतर को ? आजाद कराने के लिए पिजरे का दरवाजा बिल्ली खोले तो समझदारी पिंजरे में रहने में ही है..!!
तो क्या हुआ जो पहली बार में सफलता नहीं मिली, वैसे तो ईश्वर आज तक भी नहीं मिला, लेकिन क्या हमने पूजा करना छोड़ दिया
ज़िन्दगी बहुत हसीन है, कभी हंसाती है, तो कभी रुलाती है, लेकिन जो ज़िन्दगी की भीड़ में खुश रहता है, ज़िन्दगी उसी के आगे सिर झुकाती है।
सबको खुश नही रखा जा सकता है, इसलिए भगवान बनने की कोशिश न कर
कमियां भले ही हजारों हो तुममे लेकिन खुद पर विश्वाश रखो की तुम सबसे बेहतर करने का हुनर रखते हो
किसी से प्रतिशोध लेने का आनंद केवल दो दिन तक रहेगा !! परन्तु उसे क्षमा कर देने का आनंद जीवन भर रहेगा !!
आजादी अच्छी चीज है, लेकिन ? कबूतर को ? आजाद कराने के लिए पिजरे का दरवाजा बिल्ली खोले तो समझदारी पिंजरे में रहने में ही है..!!
तो क्या हुआ जो पहली बार में सफलता नहीं मिली, वैसे तो ईश्वर आज तक भी नहीं मिला, लेकिन क्या हमने पूजा करना छोड़ दिया
ज़िन्दगी बहुत हसीन है, कभी हंसाती है, तो कभी रुलाती है, लेकिन जो ज़िन्दगी की भीड़ में खुश रहता है, ज़िन्दगी उसी के आगे सिर झुकाती है।
सबको खुश नही रखा जा सकता है, इसलिए भगवान बनने की कोशिश न कर
कमियां भले ही हजारों हो तुममे लेकिन खुद पर विश्वाश रखो की तुम सबसे बेहतर करने का हुनर रखते हो