किसी से रास्ता पूछने से पहले यह सुनिश्चित करले कि कहीं वह स्वयं तो रास्ता भटका हुआ नहीं है।
काश ! कि मैंने उस चीज को पाने की कभी तमन्ना ना की होती जिंदगी में, जिसे पाने की ना औकात है मेरी , ना तकदीर से हकदार हूँ मैं उस चीज का....
ईश्वर पर विश्वास बच्चे की तरह करो जिसको आप हवा में उछालो तो वो हंसता है डरता नहीं, क्योंकि वो जानता है कि आप उसे गिरने नहीं दोगे, ऐसा ही विश्वास ईश्वर पर करोगें तो वो तुम्हें कभी गिरने नहीं देगा।
सामने हो मंजिल तो रास्ते न मोड़ना, जो भी मन में हो वो सपना न तोड़ना कदम कदम पे मिलेगी मुश्किल आपको, बस सितारे चुनने के लिए जमीन मत छोड़ना
खुद से बहस करोगे तो सारे सवालों के जवाब मिल जाएंगे, अगर दुसरो से करोगे तो और नये सवाल खड़े हो जायेंगे, जब मनुष्य अपनी ग़लती का वक़ील और दूसरों की गलतियों का, जज बन जाता है तो फैसले नही फासले हो जाते है..
सत्य कड़वा नहीं होता (जनाब,) तुम सिर्फ झूठ के स्वाद से वाकिफ़ हो।
किसी से रास्ता पूछने से पहले यह सुनिश्चित करले कि कहीं वह स्वयं तो रास्ता भटका हुआ नहीं है।
काश ! कि मैंने उस चीज को पाने की कभी तमन्ना ना की होती जिंदगी में, जिसे पाने की ना औकात है मेरी , ना तकदीर से हकदार हूँ मैं उस चीज का....
ईश्वर पर विश्वास बच्चे की तरह करो जिसको आप हवा में उछालो तो वो हंसता है डरता नहीं, क्योंकि वो जानता है कि आप उसे गिरने नहीं दोगे, ऐसा ही विश्वास ईश्वर पर करोगें तो वो तुम्हें कभी गिरने नहीं देगा।
सामने हो मंजिल तो रास्ते न मोड़ना, जो भी मन में हो वो सपना न तोड़ना कदम कदम पे मिलेगी मुश्किल आपको, बस सितारे चुनने के लिए जमीन मत छोड़ना
खुद से बहस करोगे तो सारे सवालों के जवाब मिल जाएंगे, अगर दुसरो से करोगे तो और नये सवाल खड़े हो जायेंगे, जब मनुष्य अपनी ग़लती का वक़ील और दूसरों की गलतियों का, जज बन जाता है तो फैसले नही फासले हो जाते है..
सत्य कड़वा नहीं होता (जनाब,) तुम सिर्फ झूठ के स्वाद से वाकिफ़ हो।