गलतियां सुधार लेना ही आख़िरी विकल्प है क्योंकि चिंता कभी परिणाम को बदल नही सकती
क्षमता और ज्ञान को हमेशा अपना गुरु बनाओ अपना गुरुर नही
सपनों को पूरा करने की कोशिश करना कभी बंद मत करो क्योंकि सपने एक - दिन ज़रूर सच होते हैं
अगर ज़िन्दगी में कामयाब होना चाहते हो…तो बोलने से ज़्यादा सुनने की आदत डालो…!!
आपकी नाजायज कमाई का लाभ कोई भी उठा सकता है पर आपके नाजायज कर्मो का फल आपको खुद ही भुगतना पड़ता है...
मनुष्य अकेला ही जन्म लेता है, अकेला ही दुःख भोगता है, अकेला ही मोक्ष का अधिकारी होता है और अकेला ही नरक जाता है. अतः रिश्ते-नाते तो क्षण भंगुर हैं, हमें अकेले ही दुनिया के मंच पर अभिनय करना पड़ता है.
गलतियां सुधार लेना ही आख़िरी विकल्प है क्योंकि चिंता कभी परिणाम को बदल नही सकती
क्षमता और ज्ञान को हमेशा अपना गुरु बनाओ अपना गुरुर नही
सपनों को पूरा करने की कोशिश करना कभी बंद मत करो क्योंकि सपने एक - दिन ज़रूर सच होते हैं
अगर ज़िन्दगी में कामयाब होना चाहते हो…तो बोलने से ज़्यादा सुनने की आदत डालो…!!
आपकी नाजायज कमाई का लाभ कोई भी उठा सकता है पर आपके नाजायज कर्मो का फल आपको खुद ही भुगतना पड़ता है...
मनुष्य अकेला ही जन्म लेता है, अकेला ही दुःख भोगता है, अकेला ही मोक्ष का अधिकारी होता है और अकेला ही नरक जाता है. अतः रिश्ते-नाते तो क्षण भंगुर हैं, हमें अकेले ही दुनिया के मंच पर अभिनय करना पड़ता है.