"उम्मीदों से बंधा एक जिद्दी परिंदा है इंसान, जो घायल भी उमीदो से है और जिन्दा भी उमीदों से हैं

"उम्मीदों से बंधा एक जिद्दी परिंदा है इंसान, जो घायल भी उमीदो से है और जिन्दा भी उमीदों से हैं

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जंजीर नहीं कटती तो अपने पांव काट लो, लंगड़ा कर चलो, मगर आज़ादी से चलो

वक़्त का खाश होना जरूरी नही खाश के लिए वक़्त होना जरूरी है

पत्थर की कीमत जब समझ में आती है सुनसान सड़क पर जब कुत्ते घेर लेते है

वक्त बदलने से उतनी तकलीफ़ नहीं होती. जितनी किसी अपने के बदल जाने से होती है..

तब तक लड़ना मत छोड़ो जब तक अपनी तय की हुई जगह पर पहुंच ना जाओ

अपने हौंसले को यह मत बताओ कि तुम्हारी तकलीफ कितनी बड़ी है अपनी तकलीफ को यह बताओ कि तुम्हारा हौंसला कितना बड़ा है

जंजीर नहीं कटती तो अपने पांव काट लो, लंगड़ा कर चलो, मगर आज़ादी से चलो

वक़्त का खाश होना जरूरी नही खाश के लिए वक़्त होना जरूरी है

पत्थर की कीमत जब समझ में आती है सुनसान सड़क पर जब कुत्ते घेर लेते है

वक्त बदलने से उतनी तकलीफ़ नहीं होती. जितनी किसी अपने के बदल जाने से होती है..

तब तक लड़ना मत छोड़ो जब तक अपनी तय की हुई जगह पर पहुंच ना जाओ

अपने हौंसले को यह मत बताओ कि तुम्हारी तकलीफ कितनी बड़ी है अपनी तकलीफ को यह बताओ कि तुम्हारा हौंसला कितना बड़ा है