अच्छे के साथ अच्छा बने बुरे के साथ बुरा नही क्योंकि हीरे से हीरे को तराश तो जा सकता है लेकिन कीचड़ से कीचड़ साफ नही हो सकता
मुस्कुराहटें झूठी भी हो सकती है.. इंसान को देखना नही समझना सीखो
सफ़लता का सीधा संबंध परिश्रम से है,जो व्यक्ति परिश्रम से डरता है, वह कभी सफ़लता नहीं पा सकता।
जो खैरात में मिलती कामयाबी तो हर शख्स कामयाब होता, फिर कदर न होती किसी हुनर की और न ही कोई शख्स लाजवाब होता
लहज़े कब तक मीठे रखने है आजकल ये ज़रूरतें तय करती है
इंसान नहीं, उसकी सफलता बोलती है जब असफलता होती है तब इंसान लाख बोले उसकी कोई नहीं सुनता
अच्छे के साथ अच्छा बने बुरे के साथ बुरा नही क्योंकि हीरे से हीरे को तराश तो जा सकता है लेकिन कीचड़ से कीचड़ साफ नही हो सकता
मुस्कुराहटें झूठी भी हो सकती है.. इंसान को देखना नही समझना सीखो
सफ़लता का सीधा संबंध परिश्रम से है,जो व्यक्ति परिश्रम से डरता है, वह कभी सफ़लता नहीं पा सकता।
जो खैरात में मिलती कामयाबी तो हर शख्स कामयाब होता, फिर कदर न होती किसी हुनर की और न ही कोई शख्स लाजवाब होता
लहज़े कब तक मीठे रखने है आजकल ये ज़रूरतें तय करती है
इंसान नहीं, उसकी सफलता बोलती है जब असफलता होती है तब इंसान लाख बोले उसकी कोई नहीं सुनता