मेरी मंजिल मेरे करीब है इसका मुझे एहसास है घमण्ड नहीं मुझे अपने इरादों पर ये मेरी सोच और हौसले का विश्वास है
जहाँ दूसरों को समझाना मुश्किल हो जाये, वहाँ खुद को समझा लेना ही बेहतर होता है
जिन्हें आप खुश देखना चाहते हैं उन्हें यही पर सुख देना... क्योकि.. ताजमहल दुनिया ने देखा है मुमताज ने नही..!"
भूल जीवन का एक पेज है और रिश्ते पूरी किताब, जरूरत पड़े तो भूल का एक पेज फाड़ देना लेकिन एक छोटे से पेज के लिए पूरी किताब नही
"उन व्यक्तियों के जीवन में आनंद और शांति कई गुणा बढ़ जाती है.! जिन्होंने प्रशंसा और निंदा में एक जैसा रहना सीख लिया है.
“शिक्षक” और “सड़क” दोनों एक जैसे होते हैं खुद जहाँ है वहीं पर रहते हैं मगर दुसरो को उनकी मंजिल तक पहुंचा हीं देते हैं !
मेरी मंजिल मेरे करीब है इसका मुझे एहसास है घमण्ड नहीं मुझे अपने इरादों पर ये मेरी सोच और हौसले का विश्वास है
जहाँ दूसरों को समझाना मुश्किल हो जाये, वहाँ खुद को समझा लेना ही बेहतर होता है
जिन्हें आप खुश देखना चाहते हैं उन्हें यही पर सुख देना... क्योकि.. ताजमहल दुनिया ने देखा है मुमताज ने नही..!"
भूल जीवन का एक पेज है और रिश्ते पूरी किताब, जरूरत पड़े तो भूल का एक पेज फाड़ देना लेकिन एक छोटे से पेज के लिए पूरी किताब नही
"उन व्यक्तियों के जीवन में आनंद और शांति कई गुणा बढ़ जाती है.! जिन्होंने प्रशंसा और निंदा में एक जैसा रहना सीख लिया है.
“शिक्षक” और “सड़क” दोनों एक जैसे होते हैं खुद जहाँ है वहीं पर रहते हैं मगर दुसरो को उनकी मंजिल तक पहुंचा हीं देते हैं !