उड़ने में बुराई नहीं है आप भी उड़े, लेकिन उतना ही जहाँ से जमीन साफ़ दिखाई देती हो.

उड़ने में बुराई नहीं है आप भी उड़े, लेकिन उतना ही जहाँ से जमीन साफ़ दिखाई देती हो.

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जहाँ दूसरे को समझाना मुश्किल हो जाये, वहाँ खुद को समझा लेना बहतर होता है.

अपनी "आदतों" के अनुसार चलने में इतनी "गलतियां" नहीं होती जितना "दुनिया" का ख्याल और "लिहाज़" रखकर चलने में होती है।

कही ज़िद पूरी ... कही जरूरत भी अधूरी..... कही सुगंध भी नहीं.. कहीं .. पूरा जीवन कस्तूरी.! इसीका नाम तो है जिंदगी.......

अगर तुम्हे कुछ करने की इच्छा हो तो दुनिया मे कोई काम असंभव नही है

ये जिंदगी तभी तक झंड लगती है जब तक जिंदगी में पैसा ना हो

अभिमान नहीं होना चाहिए कि मुझे किसी की जरूरत नहीं पड़ेगी, और यह वहम भी नहीं होना चाहिए कि सबको मेरी जरूरत पड़ेगी......!!

जहाँ दूसरे को समझाना मुश्किल हो जाये, वहाँ खुद को समझा लेना बहतर होता है.

अपनी "आदतों" के अनुसार चलने में इतनी "गलतियां" नहीं होती जितना "दुनिया" का ख्याल और "लिहाज़" रखकर चलने में होती है।

कही ज़िद पूरी ... कही जरूरत भी अधूरी..... कही सुगंध भी नहीं.. कहीं .. पूरा जीवन कस्तूरी.! इसीका नाम तो है जिंदगी.......

अगर तुम्हे कुछ करने की इच्छा हो तो दुनिया मे कोई काम असंभव नही है

ये जिंदगी तभी तक झंड लगती है जब तक जिंदगी में पैसा ना हो

अभिमान नहीं होना चाहिए कि मुझे किसी की जरूरत नहीं पड़ेगी, और यह वहम भी नहीं होना चाहिए कि सबको मेरी जरूरत पड़ेगी......!!