खुद वो बदलाव बनिए जो दुनिया में आप देखना चाहते हैं
जिसे तुम अपना समझ कर खुश हो रहे हो बस यही प्रसनता तुम्हारे दुखो का कारण है
इन्सान बातें वहीं क्लियर करता है जहां उसे रिश्ता रखना हो वरना लोग तो कहते हैं अच्छा हुआ जान छूटी
"ज़िन्दगी" में कभी किसी "बुरे दिन" से सामना हो जाये तो इतना "हौसला" जरूर रखना "दिन" बुरा था "ज़िन्दगी" नहीं
फासले जब महसूस होने लगे तो बना भी लेने चाहिए
किसी के आगे हाथ फैलाने से अच्छा अपने हाथों को काम मे लगा दो
खुद वो बदलाव बनिए जो दुनिया में आप देखना चाहते हैं
जिसे तुम अपना समझ कर खुश हो रहे हो बस यही प्रसनता तुम्हारे दुखो का कारण है
इन्सान बातें वहीं क्लियर करता है जहां उसे रिश्ता रखना हो वरना लोग तो कहते हैं अच्छा हुआ जान छूटी
"ज़िन्दगी" में कभी किसी "बुरे दिन" से सामना हो जाये तो इतना "हौसला" जरूर रखना "दिन" बुरा था "ज़िन्दगी" नहीं
फासले जब महसूस होने लगे तो बना भी लेने चाहिए
किसी के आगे हाथ फैलाने से अच्छा अपने हाथों को काम मे लगा दो