जितने तुम चतुर होते जाते हो उतना ही तुम्हारा ह्रदय मरता जाता है
तुम्हे अपनी लड़ाई खुद ही लड़नी होगी क्युकि लोग बुरे वक़्त में सिर्फ सलाह देते है साथ नहीं
विद्वान सब जगह सम्माननीय होता है. अपने उच्च गुणों के कारण देश-विदेश सभी जगह वह पूजनीय होता है .
हम जो सोचते हैं, वो बन जाते हैं
ज़िन्दगी में आप जितना कम बोलते है आपकी उतनी ज्यादा सुनी जाएगा
लक्ष्य कोई “ बड़ा ” नही हारा वही जो “ लड़ा ” नही
जितने तुम चतुर होते जाते हो उतना ही तुम्हारा ह्रदय मरता जाता है
तुम्हे अपनी लड़ाई खुद ही लड़नी होगी क्युकि लोग बुरे वक़्त में सिर्फ सलाह देते है साथ नहीं
विद्वान सब जगह सम्माननीय होता है. अपने उच्च गुणों के कारण देश-विदेश सभी जगह वह पूजनीय होता है .
हम जो सोचते हैं, वो बन जाते हैं
ज़िन्दगी में आप जितना कम बोलते है आपकी उतनी ज्यादा सुनी जाएगा
लक्ष्य कोई “ बड़ा ” नही हारा वही जो “ लड़ा ” नही