दान से ही हाथों कि सुन्दरता है न कि कंगन पहनने से. शरीर स्नान से शुद्ध होता है न कि चन्दन लगाने से. तृप्ति मान से होती है न कि भोजन से. मोक्ष ज्ञान से मिलता है न कि श्रृंगार से|
खुद मेँ झाँकने के लिए जिगर चाहिए दूसरों की शिनाख्त में तो हर शख़्स माहिर है
सलाह हारे हुए कि, तजुर्बा जीते हुए का और दिमाग खुद का इंसान को कभी हारने नही देता।
वजह तलाश करो अपने हार जाने की, किसी की जीत पर रोने से कुछ नही होगा। अगर जिंदगी में कुछ पाना है तो..... तरीका बदलो इरादा नहीं !
प्यार निभाना आना चाहिए हो तो सबको जाता है
जीतने वाले अलग चीजें नहीं करते, वो चीजों को अलग तरह से करते हैं
दान से ही हाथों कि सुन्दरता है न कि कंगन पहनने से. शरीर स्नान से शुद्ध होता है न कि चन्दन लगाने से. तृप्ति मान से होती है न कि भोजन से. मोक्ष ज्ञान से मिलता है न कि श्रृंगार से|
खुद मेँ झाँकने के लिए जिगर चाहिए दूसरों की शिनाख्त में तो हर शख़्स माहिर है
सलाह हारे हुए कि, तजुर्बा जीते हुए का और दिमाग खुद का इंसान को कभी हारने नही देता।
वजह तलाश करो अपने हार जाने की, किसी की जीत पर रोने से कुछ नही होगा। अगर जिंदगी में कुछ पाना है तो..... तरीका बदलो इरादा नहीं !
प्यार निभाना आना चाहिए हो तो सबको जाता है
जीतने वाले अलग चीजें नहीं करते, वो चीजों को अलग तरह से करते हैं