संभव और असंभव के बिच की दुरी, व्यक्ति के निश्चय पर निर्भर करती है !!

संभव और असंभव के बिच की दुरी, व्यक्ति के निश्चय पर निर्भर करती है !!

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दूसरों को देखने के बज़ाय आप खुद वो काम करने की कोशिश करें, जिससे कि दूसरे आप को देखें

जींदगी वन-डे मैच की तरह है जिसमें रन तो बढ़ रहे है पर ओवर घट रहे है मतलब धन तो बढ़ रहा है पर उम्र घट रही है इसलिए हर दिन कुछ न कुछ पूण्य के चौके छक्के लगायें... ताकि ऊपर बैठा एम्पायर हमें खुशियों की ट्रॉफी दे

किसी को झुकाने से पहले सोच लेना पहले आपको झुकना पड़ेगा

वहाँ हो जाता है सन्नाटा एक दिन जहाँ हर वक़्त पैसा बोलता है

मुकुदर की लिखावट का एक ऐसा भी कायदा हो देर से किस्मत खुलने वालो का दुगना फायदा हो

ज़िंदगी आसान नहीं होती इसे आसान बनाना पड़ता हैं..

दूसरों को देखने के बज़ाय आप खुद वो काम करने की कोशिश करें, जिससे कि दूसरे आप को देखें

जींदगी वन-डे मैच की तरह है जिसमें रन तो बढ़ रहे है पर ओवर घट रहे है मतलब धन तो बढ़ रहा है पर उम्र घट रही है इसलिए हर दिन कुछ न कुछ पूण्य के चौके छक्के लगायें... ताकि ऊपर बैठा एम्पायर हमें खुशियों की ट्रॉफी दे

किसी को झुकाने से पहले सोच लेना पहले आपको झुकना पड़ेगा

वहाँ हो जाता है सन्नाटा एक दिन जहाँ हर वक़्त पैसा बोलता है

मुकुदर की लिखावट का एक ऐसा भी कायदा हो देर से किस्मत खुलने वालो का दुगना फायदा हो

ज़िंदगी आसान नहीं होती इसे आसान बनाना पड़ता हैं..