संभव और असंभव के बिच की दुरी, व्यक्ति के निश्चय पर निर्भर करती है !!

संभव और असंभव के बिच की दुरी, व्यक्ति के निश्चय पर निर्भर करती है !!

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अधर्म बुद्धि से आत्मविनाश की सुचना मिलती है।

जो आपकी सही बातों का भी गलत मतलब निकालते है उनको सफाई देने में अपना वक़्त बर्बाद ना करे

एक इच्छा तुम्हे मंजिल तक पंहुचा देगी... लेकिन अनेक इछाइए तुम्हे मंजिल से भटका देग

एक अकेला पहिया नहीं चला करता।

अवसर और सूर्योदय में एक ही समानता है.. देर करने वाले इन्हें खो देते हैं!!

सिर्फ उतना ही विनम्र बनो जितना जरुरी हो............ बेवजह विनम्रता दूसरों के अहम को बढ़ावा देती है!!

अधर्म बुद्धि से आत्मविनाश की सुचना मिलती है।

जो आपकी सही बातों का भी गलत मतलब निकालते है उनको सफाई देने में अपना वक़्त बर्बाद ना करे

एक इच्छा तुम्हे मंजिल तक पंहुचा देगी... लेकिन अनेक इछाइए तुम्हे मंजिल से भटका देग

एक अकेला पहिया नहीं चला करता।

अवसर और सूर्योदय में एक ही समानता है.. देर करने वाले इन्हें खो देते हैं!!

सिर्फ उतना ही विनम्र बनो जितना जरुरी हो............ बेवजह विनम्रता दूसरों के अहम को बढ़ावा देती है!!