संभव और असंभव के बिच की दुरी, व्यक्ति के निश्चय पर निर्भर करती है !!

संभव और असंभव के बिच की दुरी, व्यक्ति के निश्चय पर निर्भर करती है !!

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एक अकेला पहिया नहीं चला करता।

हकीकत को तलाश करना पड़ता है अफवाहें तो घर बैठे आप तक पहुँच जाती है

तन की जाने मन की जाने जाने चित्त की चोरी उस मालिक से क्या छुपावे जिसके हाथ है सब की डोर

बाहर की चुनौतियों से नहीं हम अपने अंदर आत्मविश्वास की कमी के कारण असफल होते है

अगर तुम्हें किसी काम के लिए खुद से ज्यादा किसी ओर का MOTIVATION चाहिए तो PLEASE भाई वो काम मत करो

हमेशा खुश रहा करो ये सोच कर की दुनिया मे हमशे भी ज्यादा परेशान ओर भी लोग है

एक अकेला पहिया नहीं चला करता।

हकीकत को तलाश करना पड़ता है अफवाहें तो घर बैठे आप तक पहुँच जाती है

तन की जाने मन की जाने जाने चित्त की चोरी उस मालिक से क्या छुपावे जिसके हाथ है सब की डोर

बाहर की चुनौतियों से नहीं हम अपने अंदर आत्मविश्वास की कमी के कारण असफल होते है

अगर तुम्हें किसी काम के लिए खुद से ज्यादा किसी ओर का MOTIVATION चाहिए तो PLEASE भाई वो काम मत करो

हमेशा खुश रहा करो ये सोच कर की दुनिया मे हमशे भी ज्यादा परेशान ओर भी लोग है