विद्वान सब जगह सम्माननीय होता है. अपने उच्च गुणों के कारण देश-विदेश सभी जगह वह पूजनीय होता है .
वक्त, ख्वाहिशें और सपने हाथ में बंधी घड़ी की तरह होते हैं जिसे हम उतार कर रख भी दें तो भी चलती रहती है
दूसरों को अपने बारे में सफाई देकर अपना वक्त खराब न करें क्योंकि लोग उतना ही समझते हैं जितनी उनकी औकात होती हैं
हर कल जिंदगी जीने का दूसरा मौका है
जंजीर नहीं कटती तो अपने पांव काट लो, लंगड़ा कर चलो, मगर आज़ादी से चलो
दूसरों की गलती से भी सीखा करो, खुद की गलती से सीखने चलोगे तो सफलता जल्दी नहीं मिलेगी
विद्वान सब जगह सम्माननीय होता है. अपने उच्च गुणों के कारण देश-विदेश सभी जगह वह पूजनीय होता है .
वक्त, ख्वाहिशें और सपने हाथ में बंधी घड़ी की तरह होते हैं जिसे हम उतार कर रख भी दें तो भी चलती रहती है
दूसरों को अपने बारे में सफाई देकर अपना वक्त खराब न करें क्योंकि लोग उतना ही समझते हैं जितनी उनकी औकात होती हैं
हर कल जिंदगी जीने का दूसरा मौका है
जंजीर नहीं कटती तो अपने पांव काट लो, लंगड़ा कर चलो, मगर आज़ादी से चलो
दूसरों की गलती से भी सीखा करो, खुद की गलती से सीखने चलोगे तो सफलता जल्दी नहीं मिलेगी