मनुष्य की वाणी ही विष और अमृत की खान है।
जितने तुम चतुर होते जाते हो उतना ही तुम्हारा ह्रदय मरता जाता है
बदलाव के लिए समय का इंतज़ार मत करो... बदलाव समय के हाथ मे नही तुम्हारे हाथ मे है.
"बहुत ही आसान है, ज़मीं पर मकान बना लेना... दिल में जगह बनाने में ज़िन्दगी गुज़र जाती है..!!!"
” जिस इंसान ने कभी ग़लती नहीं की उसने.. कभी कुछ नया करने की कोशिश ही नहीं की।“
गुरु का हाथ पकड़ के चलो, लोगों के पैर पकड़ने की नौबत नहीं आएगी
मनुष्य की वाणी ही विष और अमृत की खान है।
जितने तुम चतुर होते जाते हो उतना ही तुम्हारा ह्रदय मरता जाता है
बदलाव के लिए समय का इंतज़ार मत करो... बदलाव समय के हाथ मे नही तुम्हारे हाथ मे है.
"बहुत ही आसान है, ज़मीं पर मकान बना लेना... दिल में जगह बनाने में ज़िन्दगी गुज़र जाती है..!!!"
” जिस इंसान ने कभी ग़लती नहीं की उसने.. कभी कुछ नया करने की कोशिश ही नहीं की।“
गुरु का हाथ पकड़ के चलो, लोगों के पैर पकड़ने की नौबत नहीं आएगी