मंजिल मेरे कदमों से अभी दूर बहुत है... मगर तसल्ली ये है कि कदम मेरे साथ हैं
अपने जीवन मे चमत्कार होने का इंतेज़ार मत करो प्रयास करो और खुद एक चमत्कार बन जाओ।
खुशी के फूल उन्हीं के दिलों में खिलते हैं, जो अपनों से अपनों की तरह मिलते हैं
अगर कोई तुम्हे नजर अंदाज करे तो उसे नजर आना ही छोड़ दो
पैदल चलना सेहत के लिए फायदेमंद है लेकिन पैदल पैर से चले दिमाग से नही...
हर समस्या का समाधान आपके पास होता है, क्योंकि
मंजिल मेरे कदमों से अभी दूर बहुत है... मगर तसल्ली ये है कि कदम मेरे साथ हैं
अपने जीवन मे चमत्कार होने का इंतेज़ार मत करो प्रयास करो और खुद एक चमत्कार बन जाओ।
खुशी के फूल उन्हीं के दिलों में खिलते हैं, जो अपनों से अपनों की तरह मिलते हैं
अगर कोई तुम्हे नजर अंदाज करे तो उसे नजर आना ही छोड़ दो
पैदल चलना सेहत के लिए फायदेमंद है लेकिन पैदल पैर से चले दिमाग से नही...
हर समस्या का समाधान आपके पास होता है, क्योंकि