हमारा 'व्यवहार' कई बार हमारे 'ज्ञान' से अधिक 'अच्छा' साबित होता है। क्योंकि जीवन में जब 'विषम' परिस्थितियां आती हैं तब ज्ञान 'हार' सकता है परन्तु 'व्यवहार' से हमेशा 'जीत' होने की 'संभावना' रहती है
बेहतरीन इंसान अपनी मीठी बातों से ही जाना जाता है... वरना अच्छी बातें तो दीवारो पे भी लिखी होती है
मुस्कुराने की आदत डालो क्यों की रुलाने वालो की कमी नहीं हैं..
होकर मायूस न यूँ शाम की तरह ढलते रहिये, जिंदगी एक भोर है सूरज की तरह निकलते रहिये
जिस समय भी आप यह सोचना शुरू कर देते है कि यदि मैं लक्ष्य को हासिल नही कर सका तो फिर क्या करूँगा उसी समय ही आप हार जाते है
मन में नित्य रहने वाले छः शत्रु – काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद तथा मात्सर्य को जो वश में कर लेता है, वह जितेन्द्रिय पुरुष पापों से ही लिप्त नहीं होता, फिर उनसे उत्पन्न होने वाले अनर्थों की तो बात ही क्या है।
हमारा 'व्यवहार' कई बार हमारे 'ज्ञान' से अधिक 'अच्छा' साबित होता है। क्योंकि जीवन में जब 'विषम' परिस्थितियां आती हैं तब ज्ञान 'हार' सकता है परन्तु 'व्यवहार' से हमेशा 'जीत' होने की 'संभावना' रहती है
बेहतरीन इंसान अपनी मीठी बातों से ही जाना जाता है... वरना अच्छी बातें तो दीवारो पे भी लिखी होती है
मुस्कुराने की आदत डालो क्यों की रुलाने वालो की कमी नहीं हैं..
होकर मायूस न यूँ शाम की तरह ढलते रहिये, जिंदगी एक भोर है सूरज की तरह निकलते रहिये
जिस समय भी आप यह सोचना शुरू कर देते है कि यदि मैं लक्ष्य को हासिल नही कर सका तो फिर क्या करूँगा उसी समय ही आप हार जाते है
मन में नित्य रहने वाले छः शत्रु – काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद तथा मात्सर्य को जो वश में कर लेता है, वह जितेन्द्रिय पुरुष पापों से ही लिप्त नहीं होता, फिर उनसे उत्पन्न होने वाले अनर्थों की तो बात ही क्या है।