“हमें किसी भी ख़ास समय के लिए इन्तजार नहीं करना चाहिए बल्कि अपने हर समय को ख़ास बनाने की पूरी तरह से कोशिश करनी चाहिए।”
"हर इंसान में कुछ न कुछ प्रतिभा होती है लेकिन अक्सर लोग इसे दूसरों के जैसा बनने में नष्ट कर देते हैं"
जो मन मे आए उसे खुलकर पूरे मन से करो क्योंकि एक बार जो वक़्त गुजर गया तो वो वक़्त दुबारा नही आने वाला है
भोजन महत्वपूर्ण नहीं है, महत्वपूर्ण है कार्य व उसके प्रति निष्ठा. पेट तो जानवर भी भर लेते हैं. अतः मानव बनो.
बोलकर सोचने से बेहतर है सोचकर बोलना
अभिमान मत करो कि मुझे किसी की ज़रूरत नही आत्मनिर्भर बनो की में कर सकता हु हर चीज़ पर वहम भी नही की मेरे बिना कुछ हो नही सकता
“हमें किसी भी ख़ास समय के लिए इन्तजार नहीं करना चाहिए बल्कि अपने हर समय को ख़ास बनाने की पूरी तरह से कोशिश करनी चाहिए।”
"हर इंसान में कुछ न कुछ प्रतिभा होती है लेकिन अक्सर लोग इसे दूसरों के जैसा बनने में नष्ट कर देते हैं"
जो मन मे आए उसे खुलकर पूरे मन से करो क्योंकि एक बार जो वक़्त गुजर गया तो वो वक़्त दुबारा नही आने वाला है
भोजन महत्वपूर्ण नहीं है, महत्वपूर्ण है कार्य व उसके प्रति निष्ठा. पेट तो जानवर भी भर लेते हैं. अतः मानव बनो.
बोलकर सोचने से बेहतर है सोचकर बोलना
अभिमान मत करो कि मुझे किसी की ज़रूरत नही आत्मनिर्भर बनो की में कर सकता हु हर चीज़ पर वहम भी नही की मेरे बिना कुछ हो नही सकता