अगर आप जिंदगी में आगे बढ़ना चाहते हैं,तो दूसरे अपनी जिंदगी में क्या कर रहे हैं. इस बात से तबतक मतलब न रखें,जबतक दूसरों के कारण आपकी जिंदगी प्रभावित न हो.
कोई काम शुरू करने से पहले, स्वयम से तीन प्रश्न कीजिये – मैं ये क्यों कर रहा हूँ, इसके परिणाम क्या हो सकते हैं और क्या मैं सफल होऊंगा. और जब गहरई से सोचने पर इन प्रश्नों के संतोषजनक उत्तर मिल जायें,तभी आगे बढें
इंसान वो लड़ाई कभी नहीं जीत सकता जिसमें दुश्मन उसके अपने हो
परमात्मा का ज्ञान होने पर देह का मोह मिट जाता है. तब मन जहाँ भी जाता है, वहीं समाधि लग जाती है.
यदि लक्ष्य न मिले तो रास्ता बदलो क्योंकि वृक्ष अपनी पंक्तिया बदलते है जड़े नही.
न तो इतने कड़वे बनो की कोई थूक दे और न ही इतने मीठे बनों की कोई निगल जाए.
अगर आप जिंदगी में आगे बढ़ना चाहते हैं,तो दूसरे अपनी जिंदगी में क्या कर रहे हैं. इस बात से तबतक मतलब न रखें,जबतक दूसरों के कारण आपकी जिंदगी प्रभावित न हो.
कोई काम शुरू करने से पहले, स्वयम से तीन प्रश्न कीजिये – मैं ये क्यों कर रहा हूँ, इसके परिणाम क्या हो सकते हैं और क्या मैं सफल होऊंगा. और जब गहरई से सोचने पर इन प्रश्नों के संतोषजनक उत्तर मिल जायें,तभी आगे बढें
इंसान वो लड़ाई कभी नहीं जीत सकता जिसमें दुश्मन उसके अपने हो
परमात्मा का ज्ञान होने पर देह का मोह मिट जाता है. तब मन जहाँ भी जाता है, वहीं समाधि लग जाती है.
यदि लक्ष्य न मिले तो रास्ता बदलो क्योंकि वृक्ष अपनी पंक्तिया बदलते है जड़े नही.
न तो इतने कड़वे बनो की कोई थूक दे और न ही इतने मीठे बनों की कोई निगल जाए.