पत्थर की कीमत जब समझ में आती है सुनसान सड़क पर जब कुत्ते घेर लेते है
इंसान को इंसान के नजरिये से तोलिये दो शब्द ही सही मगर प्यार से बोलिये
भगवान से कुछ मांगना है तो सदबुद्धिद मांगिए बाकी सब अपने आप मिल जायेगा
अपने खराब मूड के समय बुरे शब्द ना बोलें, क्योंकि.. खराब मूड को बदलने के बहुत मौके मिलेंगें पर शब्दों को बदलने के मोके नहीं...मिलेंगे
""कामयाबी"" के सफर में "धूप" का बड़ा महत्व होता हैं! क्योंकि ""छांव"" मिलते ही "कदम" रुकने लगते है।
ज्यादातर लोग उतने ही खुश रहते हैं जितना वो अपने दिमाग में तय कर लेते हैं
पत्थर की कीमत जब समझ में आती है सुनसान सड़क पर जब कुत्ते घेर लेते है
इंसान को इंसान के नजरिये से तोलिये दो शब्द ही सही मगर प्यार से बोलिये
भगवान से कुछ मांगना है तो सदबुद्धिद मांगिए बाकी सब अपने आप मिल जायेगा
अपने खराब मूड के समय बुरे शब्द ना बोलें, क्योंकि.. खराब मूड को बदलने के बहुत मौके मिलेंगें पर शब्दों को बदलने के मोके नहीं...मिलेंगे
""कामयाबी"" के सफर में "धूप" का बड़ा महत्व होता हैं! क्योंकि ""छांव"" मिलते ही "कदम" रुकने लगते है।
ज्यादातर लोग उतने ही खुश रहते हैं जितना वो अपने दिमाग में तय कर लेते हैं