अगर कोई तुम्हे बस काम पड़ने पर याद करे तो बुरा मत मानो, ये महसूस करो कि तुम उस मोमबत्ती की तरह हो जिसे लोग अँधेरा होने पर ढूंढ़ते है

अगर कोई तुम्हे बस काम पड़ने पर याद करे तो बुरा मत मानो, ये महसूस करो कि तुम उस मोमबत्ती की तरह हो जिसे लोग अँधेरा होने पर ढूंढ़ते है

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जो आपके शब्दों का "मूल्य" नहीं समझता उसके सामने मौन रहना ही बेहतर है.

खुशी का पहला उपाय पिछली बातों पर बहुत अधिक विचार करने से बचें

जैसे फलों में गंध, तिलों में तेल, काष्ठ में अग्नि, दुग्ध में घी, गन्ने में गुड़ है, उसी तरह शरीर में परमात्मा है. इसे पहचानना चाहिए.

पीछे मुड़कर देखने मे कोई समझदारी नही है जबकि आपके पास आगे देखने के लिए बहुत कुछ है

जरूरत से ज्यादा सोचकर हम ऐसी समस्या खड़ी कर लेते है जो असल मे है भी नही

इंसान की बुद्धिमानी उसके चेहरे या कपड़ो से नही होती बल्कि उसकी आदतों और बातचीत करने के तरीके से झलकती है

जो आपके शब्दों का "मूल्य" नहीं समझता उसके सामने मौन रहना ही बेहतर है.

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पीछे मुड़कर देखने मे कोई समझदारी नही है जबकि आपके पास आगे देखने के लिए बहुत कुछ है

जरूरत से ज्यादा सोचकर हम ऐसी समस्या खड़ी कर लेते है जो असल मे है भी नही

इंसान की बुद्धिमानी उसके चेहरे या कपड़ो से नही होती बल्कि उसकी आदतों और बातचीत करने के तरीके से झलकती है