अगर कोई तुम्हे बस काम पड़ने पर याद करे तो बुरा मत मानो, ये महसूस करो कि तुम उस मोमबत्ती की तरह हो जिसे लोग अँधेरा होने पर ढूंढ़ते है

अगर कोई तुम्हे बस काम पड़ने पर याद करे तो बुरा मत मानो, ये महसूस करो कि तुम उस मोमबत्ती की तरह हो जिसे लोग अँधेरा होने पर ढूंढ़ते है

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बुढ़ापे में आपको रोटी आपकी औलाद नहीं आपके दिए संस्कार खिलाएंगे

एक अकेला पहिया नहीं चला करता।

सिद्ध- औषधि का मर्म, गुप्त वार्ता, घर का भेद, अपमान कि बात, इन सभी को गुप्त रखना ही हितकर होता हैं.

अहंकार की बस एक खराबी है ये कभी आपको महसूस ही नही होने देता कि आप गलत है

अगर ज़िन्दगी में कामयाब होना चाहते हो…तो बोलने से ज़्यादा सुनने की आदत डालो…!!

दिल लगाने से अच्छा है, पेड़ लगाऐ, वोह घाव नही कम से कम छाव तोह देगे

बुढ़ापे में आपको रोटी आपकी औलाद नहीं आपके दिए संस्कार खिलाएंगे

एक अकेला पहिया नहीं चला करता।

सिद्ध- औषधि का मर्म, गुप्त वार्ता, घर का भेद, अपमान कि बात, इन सभी को गुप्त रखना ही हितकर होता हैं.

अहंकार की बस एक खराबी है ये कभी आपको महसूस ही नही होने देता कि आप गलत है

अगर ज़िन्दगी में कामयाब होना चाहते हो…तो बोलने से ज़्यादा सुनने की आदत डालो…!!

दिल लगाने से अच्छा है, पेड़ लगाऐ, वोह घाव नही कम से कम छाव तोह देगे