अगर कोई तुम्हे बस काम पड़ने पर याद करे तो बुरा मत मानो, ये महसूस करो कि तुम उस मोमबत्ती की तरह हो जिसे लोग अँधेरा होने पर ढूंढ़ते है

अगर कोई तुम्हे बस काम पड़ने पर याद करे तो बुरा मत मानो, ये महसूस करो कि तुम उस मोमबत्ती की तरह हो जिसे लोग अँधेरा होने पर ढूंढ़ते है

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यह महत्पूर्ण नही की आप सफल है या नही महत्पूर्ण यह है कि आप उतने सफल हुए या नही जितनी आपके भीतर क्षमता थी

जब रिश्तों में झूठ बोलने की आवश्यकता महसूस होने लगे, तब समझ लेना चाहिए कि रिश्ता समाप्ति की ओर है।

अक्सर अकेलेपन से जो गुजरता हैं वही ज़िंदगी में सही फैसलों को चुनता हैं.

जो बुरे वक्त में आपकी कमियां गिनाने लग जाए उससे बड़ा मतलबी इंसान कोई नही है.

मनुष्य की वाणी ही विष और अमृत की खान है।

सफल होने के बाद भी आप खुद को उस व्यक्ति से बड़ा ना समझे जिसके हाथों को पकड़ कर आपने सफलता की सीढ़ी चढ़ी

यह महत्पूर्ण नही की आप सफल है या नही महत्पूर्ण यह है कि आप उतने सफल हुए या नही जितनी आपके भीतर क्षमता थी

जब रिश्तों में झूठ बोलने की आवश्यकता महसूस होने लगे, तब समझ लेना चाहिए कि रिश्ता समाप्ति की ओर है।

अक्सर अकेलेपन से जो गुजरता हैं वही ज़िंदगी में सही फैसलों को चुनता हैं.

जो बुरे वक्त में आपकी कमियां गिनाने लग जाए उससे बड़ा मतलबी इंसान कोई नही है.

मनुष्य की वाणी ही विष और अमृत की खान है।

सफल होने के बाद भी आप खुद को उस व्यक्ति से बड़ा ना समझे जिसके हाथों को पकड़ कर आपने सफलता की सीढ़ी चढ़ी