हमेशा उम्मीद से अधिक करो... सफलता आपके कदम चूमेगी...
हर प्रशंसा करने वाला आपका शुभचिंतक नही होता
तब तक कमाओ जब तक महँगी चीज़ सस्ती ना लगने लगे चाहे वो सम्मान हो या सामान..
भीख मांगना मना है सिख नही
उम्मीद हमे कभी भी छोड़ कर नहीं जाती बस हम ही उसे छोड़ देते है
"उपलब्धि" और "आलोचना" एक दूसरे के मित्र हैं !! उपलब्धियां बढ़ेगी तो निश्चित ही आपकी आलोचना भी बढ़ेगी
हमेशा उम्मीद से अधिक करो... सफलता आपके कदम चूमेगी...
हर प्रशंसा करने वाला आपका शुभचिंतक नही होता
तब तक कमाओ जब तक महँगी चीज़ सस्ती ना लगने लगे चाहे वो सम्मान हो या सामान..
भीख मांगना मना है सिख नही
उम्मीद हमे कभी भी छोड़ कर नहीं जाती बस हम ही उसे छोड़ देते है
"उपलब्धि" और "आलोचना" एक दूसरे के मित्र हैं !! उपलब्धियां बढ़ेगी तो निश्चित ही आपकी आलोचना भी बढ़ेगी