जीवन आपको तोड़ता है ताकि वो आपको फिरसे बना सके|

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भरोशा करो लेकिन किसी के भरोशे मत रहो ।

एक इच्छा तुम्हे मंजिल तक पंहुचा देगी... लेकिन अनेक इछाइए तुम्हे मंजिल से भटका देग

"आनंद" ही एक ऐसी वस्तु है जो आपके पास न होने पर भी आप दूसरों को बिना किसी असुविधा के दे सकते है

किसी भी कार्य में पल भर का भी विलम्ब न करें।

मौन रहना अच्छा है परन्तु अन्याय हो तब नही

यदि कोई व्यक्ति आपसे जलता है तो इसमें उसकी कोई गलती नहीं है बल्कि ये आपकी काबिलियत है जो उसे जलने पर मजबुर कर रही है

भरोशा करो लेकिन किसी के भरोशे मत रहो ।

एक इच्छा तुम्हे मंजिल तक पंहुचा देगी... लेकिन अनेक इछाइए तुम्हे मंजिल से भटका देग

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किसी भी कार्य में पल भर का भी विलम्ब न करें।

मौन रहना अच्छा है परन्तु अन्याय हो तब नही

यदि कोई व्यक्ति आपसे जलता है तो इसमें उसकी कोई गलती नहीं है बल्कि ये आपकी काबिलियत है जो उसे जलने पर मजबुर कर रही है