'दिखावा' और 'झूठ' बोलकर व्यव्हार बनाने से अच्छा है, 'सच' बोलकर 'दुश्मन' बना लो, तुम्हारे साथ कभी 'विश्वाश्घात' नहीं होगा...

'दिखावा' और 'झूठ' बोलकर व्यव्हार बनाने से अच्छा है, 'सच' बोलकर 'दुश्मन' बना लो, तुम्हारे साथ कभी 'विश्वाश्घात' नहीं होगा...

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यदि आपके मन में संतोष नहीं है तो दुनिया की कोई भी चीज आपको खुश नहीं कर सकती है.

जो धोखा दे गया उसकी यादों में मरने से हज़ार गुना अच्‍छा है जो साथ है उसके साथ सुकून से जी लिया जाए!

अकड़ तोड़नी है उन्न मंज़िलों की, जिनको अपनी ऊंचाई पर गुरुर है !!

जिदंगी मे उतार चङाव का आना बहुत जरुरी है क्योकि ECG मे सीधी लाईन का मतलब मौत ही होता है।

जब वक़्त बुरा हो तो कोई हाल नहीं पूछता, पर जब अच्छा हो तो लोग वक़्त भी तुम ही से पूछते हैं।

हम तो आईना हैं और आईना ही रहेंगे, फ़िक्र वो करे जिनकी शक्लें ख़राब है।

यदि आपके मन में संतोष नहीं है तो दुनिया की कोई भी चीज आपको खुश नहीं कर सकती है.

जो धोखा दे गया उसकी यादों में मरने से हज़ार गुना अच्‍छा है जो साथ है उसके साथ सुकून से जी लिया जाए!

अकड़ तोड़नी है उन्न मंज़िलों की, जिनको अपनी ऊंचाई पर गुरुर है !!

जिदंगी मे उतार चङाव का आना बहुत जरुरी है क्योकि ECG मे सीधी लाईन का मतलब मौत ही होता है।

जब वक़्त बुरा हो तो कोई हाल नहीं पूछता, पर जब अच्छा हो तो लोग वक़्त भी तुम ही से पूछते हैं।

हम तो आईना हैं और आईना ही रहेंगे, फ़िक्र वो करे जिनकी शक्लें ख़राब है।