'दिखावा' और 'झूठ' बोलकर व्यव्हार बनाने से अच्छा है, 'सच' बोलकर 'दुश्मन' बना लो, तुम्हारे साथ कभी 'विश्वाश्घात' नहीं होगा...

'दिखावा' और 'झूठ' बोलकर व्यव्हार बनाने से अच्छा है, 'सच' बोलकर 'दुश्मन' बना लो, तुम्हारे साथ कभी 'विश्वाश्घात' नहीं होगा...

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वैसे इंसान बनें जिस तरह के इंसान को आप पसंद करते हैं.

जब टूटने लगे हौंसला तो बस ये याद रखना, बिना मेहनत के हासिल तख़्त-ओ-ताज नहीं होते, ढूढ़ लेना अंधेरे में ही मंजिल अपनी दोस्तों, क्योंकि जुगनू कभी रोशनी के मोहताज़ नहीं होते।

बीते कल का अफ़सोस और आने वाले कल की चिंता, ये दोनों ऐसे चोर है जो हमारे आज की खुशियाँ चुरा लेते है !!

रिश्ते बरकरार रखने की सिर्फ एक ही शर्त है , भावना देखें , संभावना नहीं !!

"ज़िन्दगी गुज़र जाती है ये ढूँढने में कि, ढूंढना क्या है अंत में तलाश सिमट जाती है इस सुकून में कि, जो मिला वो भी कहाँ साथ लेकर जाना है "

#तारीफ खुद की करना #फ़िज़ूल है, खुशबू बता देती# है कौन सा फूल है |

वैसे इंसान बनें जिस तरह के इंसान को आप पसंद करते हैं.

जब टूटने लगे हौंसला तो बस ये याद रखना, बिना मेहनत के हासिल तख़्त-ओ-ताज नहीं होते, ढूढ़ लेना अंधेरे में ही मंजिल अपनी दोस्तों, क्योंकि जुगनू कभी रोशनी के मोहताज़ नहीं होते।

बीते कल का अफ़सोस और आने वाले कल की चिंता, ये दोनों ऐसे चोर है जो हमारे आज की खुशियाँ चुरा लेते है !!

रिश्ते बरकरार रखने की सिर्फ एक ही शर्त है , भावना देखें , संभावना नहीं !!

"ज़िन्दगी गुज़र जाती है ये ढूँढने में कि, ढूंढना क्या है अंत में तलाश सिमट जाती है इस सुकून में कि, जो मिला वो भी कहाँ साथ लेकर जाना है "

#तारीफ खुद की करना #फ़िज़ूल है, खुशबू बता देती# है कौन सा फूल है |