'दिखावा' और 'झूठ' बोलकर व्यव्हार बनाने से अच्छा है, 'सच' बोलकर 'दुश्मन' बना लो, तुम्हारे साथ कभी 'विश्वाश्घात' नहीं होगा...

'दिखावा' और 'झूठ' बोलकर व्यव्हार बनाने से अच्छा है, 'सच' बोलकर 'दुश्मन' बना लो, तुम्हारे साथ कभी 'विश्वाश्घात' नहीं होगा...

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इज्जत किसी इंसान की नहीं होती हैं, ज़रूरत की होती हैं. ज़रूरत खत्म तो इज्जत खत्म

अपने फ़ायदे के लिए दूसरे का नुकसान कभी नहीं करे

बुरे दिनो का एक अच्छा फायदा अच्छे-अच्छे दोस्त परखे जाते है।

#तारीफ खुद की करना #फ़िज़ूल है, खुशबू बता देती# है कौन सा फूल है |

ज़िन्दगी बीत जाएगी चार दिन में इसे अपने में नहीं जिओ बल्कि अपनों के साथ जियो।

जीवन का सबक.... जल्द ही किसी को Judge मत करो!!

इज्जत किसी इंसान की नहीं होती हैं, ज़रूरत की होती हैं. ज़रूरत खत्म तो इज्जत खत्म

अपने फ़ायदे के लिए दूसरे का नुकसान कभी नहीं करे

बुरे दिनो का एक अच्छा फायदा अच्छे-अच्छे दोस्त परखे जाते है।

#तारीफ खुद की करना #फ़िज़ूल है, खुशबू बता देती# है कौन सा फूल है |

ज़िन्दगी बीत जाएगी चार दिन में इसे अपने में नहीं जिओ बल्कि अपनों के साथ जियो।

जीवन का सबक.... जल्द ही किसी को Judge मत करो!!