दूसरा क्या सोचेगा ये मत सोचो| वो भी यही सोच रहा है|

दूसरा क्या सोचेगा ये मत सोचो| वो भी यही सोच रहा है|

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सच्चाई के रास्ते पर चलने में फायदा है क्योंकि इस रास्ते मे "भीड़ कम" मिलती है

सत्य भी यदि अनुचित है तो उसे नहीं कहना चाहिए।

किसी वृक्ष को काटने के लिए आप मुझे छ: घंटे दीजिये और मैं पहले चार घंटे कुल्हाड़ी की धार तेज करने में लगाऊंगा

अब्राहम लिंकन

पंख मिलते ही जो जमीन भूल जाता है वो ज्यादा दिन आकाश में उड़ नही पता है..

आपका भविष्य उससे बनता है जो आप आज करते हैं कल नहीं

उम्मीद कभी न छोड़े, यही वह पथ है, जो जीवन भर आपको गतिशील बनाकर रखता है।

सच्चाई के रास्ते पर चलने में फायदा है क्योंकि इस रास्ते मे "भीड़ कम" मिलती है

सत्य भी यदि अनुचित है तो उसे नहीं कहना चाहिए।

किसी वृक्ष को काटने के लिए आप मुझे छ: घंटे दीजिये और मैं पहले चार घंटे कुल्हाड़ी की धार तेज करने में लगाऊंगा

अब्राहम लिंकन

पंख मिलते ही जो जमीन भूल जाता है वो ज्यादा दिन आकाश में उड़ नही पता है..

आपका भविष्य उससे बनता है जो आप आज करते हैं कल नहीं

उम्मीद कभी न छोड़े, यही वह पथ है, जो जीवन भर आपको गतिशील बनाकर रखता है।