आज मैं जो कुछ हूँ अपनी असफलताओ की वजह से हूँ|

आज मैं जो कुछ हूँ अपनी असफलताओ की वजह से हूँ|

Share:

More Like This

जो किसी दुर्बल का अपमान नहीं करता, सदा सावधान रहकर शत्रु से बुद्धि पूर्वक व्यवहार करता है, बलवानों के साथ युद्ध पसंद नहीं करता तथा समय आने पर पराक्रम दिखाता है, वही धीर है।

अपने हौंसले को यह मत बताओ कि तुम्हारी तकलीफ कितनी बड़ी है अपनी तकलीफ को यह बताओ कि तुम्हारा हौंसला कितना बड़ा है

हर इंसान की सोच हमसे मिले ये संभव नही, पर हम उन्हें उनकी सोच के साथ स्वीकार कर सकें यहीं हमारी सही पहचान होती है...

भूल जाओ बीते हुए कल को दिल में बसा लो आने वाले कल को मुस्कुराओ चाहे जो भी हो पल खुशियां लाएगा आपके आने वाला कल

नेत्र केवल हमे दृष्टि प्रदान करते है परंतु हम कब.. किसमे क्या देखते है ये हमारी भावनाओ पर निर्भर करता है।

लोगो के पास बहुत कुछ है मगर मुश्किल यह है की भरोसे ओर शक है और अपने शक पर भरोसा है

जो किसी दुर्बल का अपमान नहीं करता, सदा सावधान रहकर शत्रु से बुद्धि पूर्वक व्यवहार करता है, बलवानों के साथ युद्ध पसंद नहीं करता तथा समय आने पर पराक्रम दिखाता है, वही धीर है।

अपने हौंसले को यह मत बताओ कि तुम्हारी तकलीफ कितनी बड़ी है अपनी तकलीफ को यह बताओ कि तुम्हारा हौंसला कितना बड़ा है

हर इंसान की सोच हमसे मिले ये संभव नही, पर हम उन्हें उनकी सोच के साथ स्वीकार कर सकें यहीं हमारी सही पहचान होती है...

भूल जाओ बीते हुए कल को दिल में बसा लो आने वाले कल को मुस्कुराओ चाहे जो भी हो पल खुशियां लाएगा आपके आने वाला कल

नेत्र केवल हमे दृष्टि प्रदान करते है परंतु हम कब.. किसमे क्या देखते है ये हमारी भावनाओ पर निर्भर करता है।

लोगो के पास बहुत कुछ है मगर मुश्किल यह है की भरोसे ओर शक है और अपने शक पर भरोसा है