कोई भी ऊँचाई इतनी कठिन नहीं है कि उस तक नहीं पहुँचा जा सके|

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जीवन की परीक्षा में,कोई अंक नहीं मिलते हैं पर, लोग आपको हृदय से स्मरण करें तो, समझ लेना आप उतीर्ण हो गय

जींदगी वन-डे मैच की तरह है जिसमें रन तो बढ़ रहे है पर ओवर घट रहे है मतलब धन तो बढ़ रहा है पर उम्र घट रही है इसलिए हर दिन कुछ न कुछ पूण्य के चौके छक्के लगायें... ताकि ऊपर बैठा एम्पायर हमें खुशियों की ट्रॉफी दे

जिदंगी मे कभी भी किसी को बेकार मत समझना,क्योक़ि बंद पडी घडी भी दिन में दो बार सही समय बताती है।

डॉ० एपीजे अब्दुल कलाम

खुद से बहस करोगे तो सारे सवालों के जवाब मिल जाएंगे, अगर दुसरो से करोगे तो और नये सवाल खड़े हो जायेंगे, जब मनुष्य अपनी ग़लती का वक़ील और दूसरों की गलतियों का, जज बन जाता है तो फैसले नही फासले हो जाते है..

इंसान की बुद्धिमानी उसके चेहरे या कपड़ो से नही होती बल्कि उसकी आदतों और बातचीत करने के तरीके से झलकती है

दुनिया मे सफल होने का सबसे अच्छा तरीका है, कि उन सलाह पर काम करना जो आप दूसरों को देते है।

जीवन की परीक्षा में,कोई अंक नहीं मिलते हैं पर, लोग आपको हृदय से स्मरण करें तो, समझ लेना आप उतीर्ण हो गय

जींदगी वन-डे मैच की तरह है जिसमें रन तो बढ़ रहे है पर ओवर घट रहे है मतलब धन तो बढ़ रहा है पर उम्र घट रही है इसलिए हर दिन कुछ न कुछ पूण्य के चौके छक्के लगायें... ताकि ऊपर बैठा एम्पायर हमें खुशियों की ट्रॉफी दे

जिदंगी मे कभी भी किसी को बेकार मत समझना,क्योक़ि बंद पडी घडी भी दिन में दो बार सही समय बताती है।

डॉ० एपीजे अब्दुल कलाम

खुद से बहस करोगे तो सारे सवालों के जवाब मिल जाएंगे, अगर दुसरो से करोगे तो और नये सवाल खड़े हो जायेंगे, जब मनुष्य अपनी ग़लती का वक़ील और दूसरों की गलतियों का, जज बन जाता है तो फैसले नही फासले हो जाते है..

इंसान की बुद्धिमानी उसके चेहरे या कपड़ो से नही होती बल्कि उसकी आदतों और बातचीत करने के तरीके से झलकती है

दुनिया मे सफल होने का सबसे अच्छा तरीका है, कि उन सलाह पर काम करना जो आप दूसरों को देते है।