अपने दिमाग को ऐसा प्रशिक्षण दो की वो हर परिस्थिति मैं अच्छा ही देखे|

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इंसान वो लड़ाई कभी नहीं जीत सकता जिसमें दुश्मन उसके अपने हो

तुम अयोग्य या बदसूरत नहीं हो तुम्हारे पास सिर्फ पैसे या पद की कमी है।

किसी पर कभी भी बहुत ज्यादा निर्भर ना रहे क्योकि अंधेरो में परछाई भी साथ छोड़ देती है

लिबास कितना भी किमती हो घटीया किरदार को छुपा नहीं सकता

तू खुद की खोज में निकल, तू किस लिए हताश हैं. तू चल तेरे वज़ूद की समय को भी तलाश हैं.

लोग क्या कहेंगे अगर ये सोच के आप कुछ नही कर रहे है। तो आप जीवन की पहली परीक्षा में हार गए"

इंसान वो लड़ाई कभी नहीं जीत सकता जिसमें दुश्मन उसके अपने हो

तुम अयोग्य या बदसूरत नहीं हो तुम्हारे पास सिर्फ पैसे या पद की कमी है।

किसी पर कभी भी बहुत ज्यादा निर्भर ना रहे क्योकि अंधेरो में परछाई भी साथ छोड़ देती है

लिबास कितना भी किमती हो घटीया किरदार को छुपा नहीं सकता

तू खुद की खोज में निकल, तू किस लिए हताश हैं. तू चल तेरे वज़ूद की समय को भी तलाश हैं.

लोग क्या कहेंगे अगर ये सोच के आप कुछ नही कर रहे है। तो आप जीवन की पहली परीक्षा में हार गए"