अपने दिमाग को ऐसा प्रशिक्षण दो की वो हर परिस्थिति मैं अच्छा ही देखे|

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नेत्र केवल हमे दृष्टि प्रदान करते है परंतु हम कब.. किसमे क्या देखते है ये हमारी भावनाओ पर निर्भर करता है।

बड़ा सोचो, जल्दी सोअचो, आगे सोचो . विचारों पर किसी का एकाधिकार नहीं है

हमारी हार इसमें नहीं है की कोई दूसरा हमे नहीं पहचानता, हार इसमें है की हम खुद अपने आप को नहीं पहचान पाते

जिस प्रकार घिसने, तापने, काटने और पीटने से सोने का परीक्षण होता है. उसी प्रकार त्याग, शील, गुण, एवं कर्मों से पुरुष कि परीक्षा होती है.

कही ज़िद पूरी ... कही जरूरत भी अधूरी..... कही सुगंध भी नहीं.. कहीं .. पूरा जीवन कस्तूरी.! इसीका नाम तो है जिंदगी.......

अगर ज़िन्दगी में सुकून चाहते तो Focus अपने काम पर करो लोगो की बातों पर नही

नेत्र केवल हमे दृष्टि प्रदान करते है परंतु हम कब.. किसमे क्या देखते है ये हमारी भावनाओ पर निर्भर करता है।

बड़ा सोचो, जल्दी सोअचो, आगे सोचो . विचारों पर किसी का एकाधिकार नहीं है

हमारी हार इसमें नहीं है की कोई दूसरा हमे नहीं पहचानता, हार इसमें है की हम खुद अपने आप को नहीं पहचान पाते

जिस प्रकार घिसने, तापने, काटने और पीटने से सोने का परीक्षण होता है. उसी प्रकार त्याग, शील, गुण, एवं कर्मों से पुरुष कि परीक्षा होती है.

कही ज़िद पूरी ... कही जरूरत भी अधूरी..... कही सुगंध भी नहीं.. कहीं .. पूरा जीवन कस्तूरी.! इसीका नाम तो है जिंदगी.......

अगर ज़िन्दगी में सुकून चाहते तो Focus अपने काम पर करो लोगो की बातों पर नही