उलझने मैंने कई झुक के भी सुलझायी है लोग सारे तो कद के बराबर नही होते
यदि कोई आपके बुरे के दौरान आपका
इतनी जल्दी दुनिया की कोई चीज नही बदलती... जितनी जल्दी इंसान की नियत और नजरे बदल जाती है..
गलतियों से न सीखना ही एकमात्र गलती होती है
कठिन परिस्थितियों में संघर्ष करने पर एक बहुमूल्य संपत्ति विकसित होती है, जिसका नाम है
मुस्कुराने की आदत डालो क्यों की रुलाने वालो की कमी नहीं हैं..
उलझने मैंने कई झुक के भी सुलझायी है लोग सारे तो कद के बराबर नही होते
यदि कोई आपके बुरे के दौरान आपका
इतनी जल्दी दुनिया की कोई चीज नही बदलती... जितनी जल्दी इंसान की नियत और नजरे बदल जाती है..
गलतियों से न सीखना ही एकमात्र गलती होती है
कठिन परिस्थितियों में संघर्ष करने पर एक बहुमूल्य संपत्ति विकसित होती है, जिसका नाम है
मुस्कुराने की आदत डालो क्यों की रुलाने वालो की कमी नहीं हैं..