कोई भी "व्यक्ति" हमारा "मित्र" या "शत्रु" बनकर "संसार" में नही आता हमारा "व्यवहार" और "शब्द" ही लोगो को "मित्र" और "शत्रु" बनाते है
दुनिया मे अधिक गम है उन सबको देखते हुए आपका बहुत कम है
जिसे तुम अपना समझ कर खुश हो रहे हो बस यही प्रसनता तुम्हारे दुखो का कारण है
गुणी व्यक्ति का आश्रय लेने से निर्गुणी भी गुणी हो जाता है।
महानता कभी ना गिरने में नहीं है, बल्कि हर बार गिरकर उठ जाने में है
जिन्होंने आपका संघर्ष देखा है सिर्फ वही आपकी कामयाबी की कीमत जानते है औरों के लिए आप केवल भाग्यशाली व्यक्ति हैं।
कोई भी "व्यक्ति" हमारा "मित्र" या "शत्रु" बनकर "संसार" में नही आता हमारा "व्यवहार" और "शब्द" ही लोगो को "मित्र" और "शत्रु" बनाते है
दुनिया मे अधिक गम है उन सबको देखते हुए आपका बहुत कम है
जिसे तुम अपना समझ कर खुश हो रहे हो बस यही प्रसनता तुम्हारे दुखो का कारण है
गुणी व्यक्ति का आश्रय लेने से निर्गुणी भी गुणी हो जाता है।
महानता कभी ना गिरने में नहीं है, बल्कि हर बार गिरकर उठ जाने में है
जिन्होंने आपका संघर्ष देखा है सिर्फ वही आपकी कामयाबी की कीमत जानते है औरों के लिए आप केवल भाग्यशाली व्यक्ति हैं।