न तो इतने कड़वे बनो की कोई थूक दे और न ही इतने मीठे बनों की कोई निगल जाए.
जिदंगी मे कभी भी किसी को बेकार मत समझना,क्योक़ि बंद पडी घडी भी दिन में दो बार सही समय बताती है।
अगर सफल होना हैं तो गुस्सा, बेइज्जती, अपमान बहुत जरूरी हैं
वर्तमान से सुख लेने का प्रयास करिये भविष्य बहुत कपटी होता है, वो केवल आश्र्वासन देता है गारंटी नहीं।
हमारा 'व्यवहार' कई बार हमारे 'ज्ञान' से अधिक 'अच्छा' साबित होता है। क्योंकि जीवन में जब 'विषम' परिस्थितियां आती हैं तब ज्ञान 'हार' सकता है परन्तु 'व्यवहार' से हमेशा 'जीत' होने की 'संभावना' रहती है
इस दुनिया में सम्मान से जीने का सबसे महान तरीका है कि हम वो बनें जो होने का हम दिखावा करते हैं।
न तो इतने कड़वे बनो की कोई थूक दे और न ही इतने मीठे बनों की कोई निगल जाए.
जिदंगी मे कभी भी किसी को बेकार मत समझना,क्योक़ि बंद पडी घडी भी दिन में दो बार सही समय बताती है।
अगर सफल होना हैं तो गुस्सा, बेइज्जती, अपमान बहुत जरूरी हैं
वर्तमान से सुख लेने का प्रयास करिये भविष्य बहुत कपटी होता है, वो केवल आश्र्वासन देता है गारंटी नहीं।
हमारा 'व्यवहार' कई बार हमारे 'ज्ञान' से अधिक 'अच्छा' साबित होता है। क्योंकि जीवन में जब 'विषम' परिस्थितियां आती हैं तब ज्ञान 'हार' सकता है परन्तु 'व्यवहार' से हमेशा 'जीत' होने की 'संभावना' रहती है
इस दुनिया में सम्मान से जीने का सबसे महान तरीका है कि हम वो बनें जो होने का हम दिखावा करते हैं।