सेवा सबकी कीजिये मगर आशा किसी से मत रखिये क्योंकि सेवा का सही मूल्य भगवान ही दे सकता है इंसान नहीं |
सारा जहां है जिसकी शरण में, नमन है उस माँ के चरण में
उसने ही जगत बनाया है कण-कण में वो ही समाया है दुख में भी सुख का अहसास होगा जब सिर पर शिव का साया है
सुबह का आरंभ हरि के चरणों में नमन के साथ करें जय श्री कृष्णा
जो जग को ना भाया उसे तूने अपनाया, किस चीज़ की लालच देंगे वो हमको जब तू ही मेरा मोह तू ही मेरी माया |
ना घर पर रहते है ना घाट पर रहते है हम तो उनकी शरण में रहते है जिन्हें लोग महाकाल कहते हैं
सेवा सबकी कीजिये मगर आशा किसी से मत रखिये क्योंकि सेवा का सही मूल्य भगवान ही दे सकता है इंसान नहीं |
सारा जहां है जिसकी शरण में, नमन है उस माँ के चरण में
उसने ही जगत बनाया है कण-कण में वो ही समाया है दुख में भी सुख का अहसास होगा जब सिर पर शिव का साया है
सुबह का आरंभ हरि के चरणों में नमन के साथ करें जय श्री कृष्णा
जो जग को ना भाया उसे तूने अपनाया, किस चीज़ की लालच देंगे वो हमको जब तू ही मेरा मोह तू ही मेरी माया |
ना घर पर रहते है ना घाट पर रहते है हम तो उनकी शरण में रहते है जिन्हें लोग महाकाल कहते हैं