सारा जहां है जिसकी शरण में, नमन है उस माँ के चरण में
उसने ही जगत बनाया है कण-कण में वो ही समाया है दुख में भी सुख का अहसास होगा जब सिर पर शिव का साया है
महसूस करके देखा महादेव हर पल मेरे साथ हैं दिखते नहीं कहीं पर सर पर उन्हीं का हाथ हैं
ना घर पर रहते है ना घाट पर रहते है हम तो उनकी शरण में रहते है जिन्हें लोग महाकाल कहते हैं
॥ जय माता दी ॥
जय माँ वैष्णो देवी..पहाडा वाली..ज्योता वाली॥
सारा जहां है जिसकी शरण में, नमन है उस माँ के चरण में
उसने ही जगत बनाया है कण-कण में वो ही समाया है दुख में भी सुख का अहसास होगा जब सिर पर शिव का साया है
महसूस करके देखा महादेव हर पल मेरे साथ हैं दिखते नहीं कहीं पर सर पर उन्हीं का हाथ हैं
ना घर पर रहते है ना घाट पर रहते है हम तो उनकी शरण में रहते है जिन्हें लोग महाकाल कहते हैं
॥ जय माता दी ॥
जय माँ वैष्णो देवी..पहाडा वाली..ज्योता वाली॥