नर्क के तीन द्वार है 1.वासना 2.क्रोध 3.लालच

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नमो नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी॥

जय जय श्री गणेश रिद्धि सिद्धि के दाता

सारा जहां है जिसकी शरण में, नमन है उस माँ के चरण में.

हर आरम्भ का मैं अंत हूँ, हर अंत का मैं आरम्भ हूँ , मैं सत्य हूँ; मैं शिव हूँ; मैं काल हूँ; मैं ही महाकाल हूँ !

॥ जय माँ शक्ति ॥

हीरा बनाया है ईश्वर ने हर किसी को, पर चमकता तो वही है जो तराशने की हद से गुजरता है. सतनाम श्री वाहेगुरु |

नमो नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी॥

जय जय श्री गणेश रिद्धि सिद्धि के दाता

सारा जहां है जिसकी शरण में, नमन है उस माँ के चरण में.

हर आरम्भ का मैं अंत हूँ, हर अंत का मैं आरम्भ हूँ , मैं सत्य हूँ; मैं शिव हूँ; मैं काल हूँ; मैं ही महाकाल हूँ !

॥ जय माँ शक्ति ॥

हीरा बनाया है ईश्वर ने हर किसी को, पर चमकता तो वही है जो तराशने की हद से गुजरता है. सतनाम श्री वाहेगुरु |