जो मन को नियंत्रित नहीं करते उनके लिए वह शत्रु के समान कार्य करता है|

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ॐ नमः शिवाय॥

मैं हर रूप में तुम्हारी मदद के लिए आता हूँ ; मुझे ढूंढो मत केवल पहचानो |

स्पर्श वो नहीं जिसने शरीर को पाया हो, स्पर्श तो वो है जिसने आत्मा को गले लगाया हो | जय श्री राधे कृष्णा

जो उपकार करे, उसका प्रत्युपकार करना चाहिए, यही सनातन धर्म है

जय श्री राधा सनेह बिहारी जी ॥

लोग तो दुनियाँ वालो से यारी करते है मेरी तो दुनियाँ बनाने वालो से यारी है

ॐ नमः शिवाय॥

मैं हर रूप में तुम्हारी मदद के लिए आता हूँ ; मुझे ढूंढो मत केवल पहचानो |

स्पर्श वो नहीं जिसने शरीर को पाया हो, स्पर्श तो वो है जिसने आत्मा को गले लगाया हो | जय श्री राधे कृष्णा

जो उपकार करे, उसका प्रत्युपकार करना चाहिए, यही सनातन धर्म है

जय श्री राधा सनेह बिहारी जी ॥

लोग तो दुनियाँ वालो से यारी करते है मेरी तो दुनियाँ बनाने वालो से यारी है