फल की अभिलाषा छोड़ कर, कर्म करने वाला पुरुष ही अपने जीवन को सफल बनाता है|

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॥ शुभ नवरात्री ॥

अहिंसा ही धर्म है, वही जिंदगी का एक रास्ता है।

अरे कर्मों से डरिए ईश्वर से नहीं, ईश्वर माफ कर देता है कर्म नहीं

॥ ॐ ह्रीं दुं दुर्गाय नमः ॥

नमो नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी॥

न कोई चेला न कोई मेला, मन मिले तो मिल जाओ मुझसे, वरना शिव भक्त चले अकेला || बम बम भोले ||

॥ शुभ नवरात्री ॥

अहिंसा ही धर्म है, वही जिंदगी का एक रास्ता है।

अरे कर्मों से डरिए ईश्वर से नहीं, ईश्वर माफ कर देता है कर्म नहीं

॥ ॐ ह्रीं दुं दुर्गाय नमः ॥

नमो नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी॥

न कोई चेला न कोई मेला, मन मिले तो मिल जाओ मुझसे, वरना शिव भक्त चले अकेला || बम बम भोले ||