तुम चाहते तो निभा भी सकते थे, मगर तुमने ऐसा कभी चाहा ही नहीं.
काश वो भी आकर हम से कह दे, मैं भी तन्हाँ हूँ, तेरे बिन, तेरी तरह, तेरी कसम, तेरे लिए...!!
लोग कहते है हम मुस्कराते बहुत है…और हम थक गए दर्द छुपाते छुपाते…
वक़्त पर ना जा वक़्त तो हर ज़ख्म की दावा है, आज तुमने हमे भुला दिया कल तुम्हे भी कोई भुला देगा
जो होकर भी ना हो.. उसका होना कैसा... नाम के रिश्तों से शिकवा कैसा..रोना कैसा....
थोडा इंतजार कर ए दिल, उसे भी पता चल जाएगा की उसने खोया क्या है !
तुम चाहते तो निभा भी सकते थे, मगर तुमने ऐसा कभी चाहा ही नहीं.
काश वो भी आकर हम से कह दे, मैं भी तन्हाँ हूँ, तेरे बिन, तेरी तरह, तेरी कसम, तेरे लिए...!!
लोग कहते है हम मुस्कराते बहुत है…और हम थक गए दर्द छुपाते छुपाते…
वक़्त पर ना जा वक़्त तो हर ज़ख्म की दावा है, आज तुमने हमे भुला दिया कल तुम्हे भी कोई भुला देगा
जो होकर भी ना हो.. उसका होना कैसा... नाम के रिश्तों से शिकवा कैसा..रोना कैसा....
थोडा इंतजार कर ए दिल, उसे भी पता चल जाएगा की उसने खोया क्या है !