ठोकर खाया हुआ दिल है...भीड से ज्यादा तन्हाई अच्छी लगती है....
ज़िन्दगी से भला क्या शिकायत करें बस जिसे चाहा उसने समझा ही नही
बड़ी अजीब सी मोहब्बत थी तुम्हारी..पहले पागल किया.. फिर पागल कहा.. और फिर पागल समझ कर छोड़ दिया
शाम नहीं पर बात वही. तू नहीं तो तेरी याद सही.
उस दिन चैन तो तुम्हारा भी उड़ेगा जिस दिन हम तुम्हे लिखना छोड़ देंगे |
जिनको जाना होता है वो चले ही जाते है किसी के रोने से उनको कोई फर्क नहीं पड़ता
ठोकर खाया हुआ दिल है...भीड से ज्यादा तन्हाई अच्छी लगती है....
ज़िन्दगी से भला क्या शिकायत करें बस जिसे चाहा उसने समझा ही नही
बड़ी अजीब सी मोहब्बत थी तुम्हारी..पहले पागल किया.. फिर पागल कहा.. और फिर पागल समझ कर छोड़ दिया
शाम नहीं पर बात वही. तू नहीं तो तेरी याद सही.
उस दिन चैन तो तुम्हारा भी उड़ेगा जिस दिन हम तुम्हे लिखना छोड़ देंगे |
जिनको जाना होता है वो चले ही जाते है किसी के रोने से उनको कोई फर्क नहीं पड़ता