क्या कहें कुछ नहीं है कहने को, हाय क्या गम मिला है सहने को.
उसने कहा तुम सबसे अलग हो, सच कहा और कर दिया मुझे सबसे अलग |
चले जाने दो उस बेवफ़ा को किसी और की बाहों में जो इतनी चाहत के बाद मेरा ना हुआ वो किसी और का क्या होगा
नसीब का सब खेल है वरना मोहब्बत तो हम भी दीवाने की तरह किये थे.
प्यार भी हम करें, इन्तजार भी हम, जताये भी हम और रोयें भी हम..
सफर में कही तो दगा खा गए हम जहाँ से चले थे वही आ गए हम
क्या कहें कुछ नहीं है कहने को, हाय क्या गम मिला है सहने को.
उसने कहा तुम सबसे अलग हो, सच कहा और कर दिया मुझे सबसे अलग |
चले जाने दो उस बेवफ़ा को किसी और की बाहों में जो इतनी चाहत के बाद मेरा ना हुआ वो किसी और का क्या होगा
नसीब का सब खेल है वरना मोहब्बत तो हम भी दीवाने की तरह किये थे.
प्यार भी हम करें, इन्तजार भी हम, जताये भी हम और रोयें भी हम..
सफर में कही तो दगा खा गए हम जहाँ से चले थे वही आ गए हम