छोड़ दिया अब हमनें उस बेवफा का इंतजार करना दोस्तों जब रात गुजर सकती है तो ज़िंदगी भी गुजर जाएगी
मेरी कोशीश हमेशा ही नाकाम रही पहले तूझे पाने की और अब तुझे भुलाने की
चैन से गुज़र रही थी ज़िन्दगी, और फिर तुम मिल गए!
लफ्ज ढाई अक्षर ही थे.....कभी प्यार बन गए तो कभी जख्म.......
काश तू लौट आये और कहे बस बहुत हो गया अब नहीं रहा जाता तेरे बिना
बस तेरी कामि है ए मौत, दिल वो ले गयी जान तू ले जा..
छोड़ दिया अब हमनें उस बेवफा का इंतजार करना दोस्तों जब रात गुजर सकती है तो ज़िंदगी भी गुजर जाएगी
मेरी कोशीश हमेशा ही नाकाम रही पहले तूझे पाने की और अब तुझे भुलाने की
चैन से गुज़र रही थी ज़िन्दगी, और फिर तुम मिल गए!
लफ्ज ढाई अक्षर ही थे.....कभी प्यार बन गए तो कभी जख्म.......
काश तू लौट आये और कहे बस बहुत हो गया अब नहीं रहा जाता तेरे बिना
बस तेरी कामि है ए मौत, दिल वो ले गयी जान तू ले जा..