मुझे किसी के बदल जाने का कोई गम नही बस कोई था जिससे ये उम्मीद नही थी
चैन से गुज़र रही थी ज़िन्दगी, और फिर तुम मिल गए!
सच कहा था किसी ने तन्हाई में जीना सीख लो मोहब्बत जितनी भी सच्ची हो साथ छोड़ ही जाती है. |
फिर एक दिन ऐसा भी आया जिन्दगी में..की मैंने तेरा नाम सुनकर मुस्कुराना छोड़ दिया।
क्यों लगता है वो आसपास है जिसका दूर तक कोई सुराग नहीं।
क्यों तुम खामोश हो गये..जी अब तक नहीं भरा था तेरी बातों से..
मुझे किसी के बदल जाने का कोई गम नही बस कोई था जिससे ये उम्मीद नही थी
चैन से गुज़र रही थी ज़िन्दगी, और फिर तुम मिल गए!
सच कहा था किसी ने तन्हाई में जीना सीख लो मोहब्बत जितनी भी सच्ची हो साथ छोड़ ही जाती है. |
फिर एक दिन ऐसा भी आया जिन्दगी में..की मैंने तेरा नाम सुनकर मुस्कुराना छोड़ दिया।
क्यों लगता है वो आसपास है जिसका दूर तक कोई सुराग नहीं।
क्यों तुम खामोश हो गये..जी अब तक नहीं भरा था तेरी बातों से..