नींद चुराने वाले हमसे पूछते हैं सोते क्यों नहीं हो, इतनी ही फ़िक्र है तुम्हें तो फिर हमारे होते क्यों नहीं हो
इतना भी आसान नहीं होता अपनी जिन्दगी जी पाना, बहुत लोगो को खटकने लगते है… जब हम खुद को जीने लगते है।
ये सागर भी तुम्हारी तरह बेवफा निकला, जिन्दा थे तब तैरने नहीं दिया और जब मर गए हैं तो डूबने भी नहीं देता।
अगर कसमे सच्ची होती तो सबसे पहले खुदा मरता।
किसी को चाह कर भी ना पाना दर्द देता है, मगर किसी को पाकर खो देना ज़िन्दगी तबाह कर देता है!
अगर दुआ कबूल न हो तो लोग भगवान भी बदल देते हैं.
नींद चुराने वाले हमसे पूछते हैं सोते क्यों नहीं हो, इतनी ही फ़िक्र है तुम्हें तो फिर हमारे होते क्यों नहीं हो
इतना भी आसान नहीं होता अपनी जिन्दगी जी पाना, बहुत लोगो को खटकने लगते है… जब हम खुद को जीने लगते है।
ये सागर भी तुम्हारी तरह बेवफा निकला, जिन्दा थे तब तैरने नहीं दिया और जब मर गए हैं तो डूबने भी नहीं देता।
अगर कसमे सच्ची होती तो सबसे पहले खुदा मरता।
किसी को चाह कर भी ना पाना दर्द देता है, मगर किसी को पाकर खो देना ज़िन्दगी तबाह कर देता है!
अगर दुआ कबूल न हो तो लोग भगवान भी बदल देते हैं.