कभी भी अपना दर्द सबको न बतायें क्योंकि सबके घर पर मरहम नहीं होता, मगर नमक हर एक के घर होता है!!
आप कर भी क्या सकते है, जब..... वो इंसान, जो आपका रोना बंद कर सकता है, बही आपको रुला रहा है...
जिंदगी में ऐसे इंसान पर कभी जुल्म मत करना… जिसके पास पुकारने के लिए परमात्मा के अलावा और कोई न हो…
लबो पर जब किसी के दर्द का अफ़साना आता है, हमें रह-रह कर अपना दिल-ए-दीवाना आता है।
मानसिक पीड़ा का एकमात्र मारक शारीरिक पीड़ा है . ||
जीतने वाले लाभ देखते हैं, हारने वाले दर्द. ||
कभी भी अपना दर्द सबको न बतायें क्योंकि सबके घर पर मरहम नहीं होता, मगर नमक हर एक के घर होता है!!
आप कर भी क्या सकते है, जब..... वो इंसान, जो आपका रोना बंद कर सकता है, बही आपको रुला रहा है...
जिंदगी में ऐसे इंसान पर कभी जुल्म मत करना… जिसके पास पुकारने के लिए परमात्मा के अलावा और कोई न हो…
लबो पर जब किसी के दर्द का अफ़साना आता है, हमें रह-रह कर अपना दिल-ए-दीवाना आता है।
मानसिक पीड़ा का एकमात्र मारक शारीरिक पीड़ा है . ||
जीतने वाले लाभ देखते हैं, हारने वाले दर्द. ||