खेल है जिंदगी, आँख मिचौली का... मजबूरिया छिपी है, हर काम के पीछे, स्वार्थ छिपा है, हर सलाम के पीछे...

खेल है जिंदगी, आँख मिचौली का... मजबूरिया छिपी है, हर काम के पीछे, स्वार्थ छिपा है, हर सलाम के पीछे...

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कभी-कभी सिर्फ आपकी आंखें ही नही होती, जहा से आंसू गिरते हैं।

आप छिपा नहीं सकते हो, की.... आप अंदर से टूटे हुए हो।

मेरी मुस्कुराहट के पीछे वह दर्द है, जो आप कभी समझ नही पाएंगे।

आप कर भी क्या सकते है, जब..... वो इंसान, जो आपका रोना बंद कर सकता है, बही आपको रुला रहा है...

जितना कम आप अपना ह्रदय दूसरों के समक्ष खोलेंगे, उतनी अधिक आपके ह्रदय को पीड़ा होगी. ||

जीतने वाले लाभ देखते हैं, हारने वाले दर्द. ||

कभी-कभी सिर्फ आपकी आंखें ही नही होती, जहा से आंसू गिरते हैं।

आप छिपा नहीं सकते हो, की.... आप अंदर से टूटे हुए हो।

मेरी मुस्कुराहट के पीछे वह दर्द है, जो आप कभी समझ नही पाएंगे।

आप कर भी क्या सकते है, जब..... वो इंसान, जो आपका रोना बंद कर सकता है, बही आपको रुला रहा है...

जितना कम आप अपना ह्रदय दूसरों के समक्ष खोलेंगे, उतनी अधिक आपके ह्रदय को पीड़ा होगी. ||

जीतने वाले लाभ देखते हैं, हारने वाले दर्द. ||