लोग कहते है.... अपने दिल की सुनो, मगर जब दिल ही लाख टुकड़ो में बटा हुआ हो, तब किस टुकड़े की सुने, और किसको देखे.....
मेरी आँख ही नही मेरी आत्मा भी रोती है जब मेरी माँ घर के कोने में छुपकर रोती है आँसू पौंछती है अपने ही दामन के किनोर से चीख पड़ती हूँ मैं जब वो रोकर खामोश होती है.
एक बात सिखाई है... ताजुर्वे ने हमें, एक नया दर्द ही पुराने दर्द की दवा है।
मुझे नफरत है उस वक़्त से, जब "रोना" ही "बेहतर महसूस" करने का एकलौता तरीका बन जाता है।
आपका पहला प्यार, वह पहला इंसान नहीं है जिसे आपने अपना दिल दिया था, बल्कि यह वो इंसान है जिसने आपके दिल को पहली बार तोड़ा है।
हँसते-हँसते जिसने मेरे हर दर्द को संभाला है उसी माँ को मैने कमरे में अकेले रोते पाया है
लोग कहते है.... अपने दिल की सुनो, मगर जब दिल ही लाख टुकड़ो में बटा हुआ हो, तब किस टुकड़े की सुने, और किसको देखे.....
मेरी आँख ही नही मेरी आत्मा भी रोती है जब मेरी माँ घर के कोने में छुपकर रोती है आँसू पौंछती है अपने ही दामन के किनोर से चीख पड़ती हूँ मैं जब वो रोकर खामोश होती है.
एक बात सिखाई है... ताजुर्वे ने हमें, एक नया दर्द ही पुराने दर्द की दवा है।
मुझे नफरत है उस वक़्त से, जब "रोना" ही "बेहतर महसूस" करने का एकलौता तरीका बन जाता है।
आपका पहला प्यार, वह पहला इंसान नहीं है जिसे आपने अपना दिल दिया था, बल्कि यह वो इंसान है जिसने आपके दिल को पहली बार तोड़ा है।
हँसते-हँसते जिसने मेरे हर दर्द को संभाला है उसी माँ को मैने कमरे में अकेले रोते पाया है