मेरी जगह तुम होते तो यकीन करो थक गए होते

मेरी जगह तुम होते तो यकीन करो थक गए होते

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जिंदगी में ऐसे इंसान पर कभी जुल्‍म मत करना… जिसके पास पुकारने के लिए परमात्‍मा के अलावा और कोई न हो…

आँसू वे शब्द हैं, जिनको दिल कभी बयां नहीं कर सकता है।

हँसते-हँसते जिसने मेरे हर दर्द को संभाला है उसी माँ को मैने कमरे में अकेले रोते पाया है

डर बुराई की अपेक्षा से उत्पन्न होने वाले दर्द है.

अरस्तु

अब तो मैं खुश होने से भी डरता हूं, क्योंकि जब भी मैं बहुत खुश होता हूं, तब हमेशा कुछ बुरा होता है।

अब तो ऐसा लगता है की, मैं ही वो अकेला इंसान हूं, जिसने मुझे निराश नहीं किया।

जिंदगी में ऐसे इंसान पर कभी जुल्‍म मत करना… जिसके पास पुकारने के लिए परमात्‍मा के अलावा और कोई न हो…

आँसू वे शब्द हैं, जिनको दिल कभी बयां नहीं कर सकता है।

हँसते-हँसते जिसने मेरे हर दर्द को संभाला है उसी माँ को मैने कमरे में अकेले रोते पाया है

डर बुराई की अपेक्षा से उत्पन्न होने वाले दर्द है.

अरस्तु

अब तो मैं खुश होने से भी डरता हूं, क्योंकि जब भी मैं बहुत खुश होता हूं, तब हमेशा कुछ बुरा होता है।

अब तो ऐसा लगता है की, मैं ही वो अकेला इंसान हूं, जिसने मुझे निराश नहीं किया।