अपेक्षा सभी हृदय-पीड़ा की जड़ है. ||
मेरी मुस्कुराहट के पीछे वह दर्द है, जो आप कभी समझ नही पाएंगे।
अब तो मैं खुश होने से भी डरता हूं, क्योंकि जब भी मैं बहुत खुश होता हूं, तब हमेशा कुछ बुरा होता है।
हँसते-हँसते जिसने मेरे हर दर्द को संभाला है उसी माँ को मैने कमरे में अकेले रोते पाया है
आँसू वे शब्द हैं, जिनको दिल कभी बयां नहीं कर सकता है।
कष्ट/दुःख पाप का परिणाम है अथवा दुःख का जन्म पाप से होता है.
अपेक्षा सभी हृदय-पीड़ा की जड़ है. ||
मेरी मुस्कुराहट के पीछे वह दर्द है, जो आप कभी समझ नही पाएंगे।
अब तो मैं खुश होने से भी डरता हूं, क्योंकि जब भी मैं बहुत खुश होता हूं, तब हमेशा कुछ बुरा होता है।
हँसते-हँसते जिसने मेरे हर दर्द को संभाला है उसी माँ को मैने कमरे में अकेले रोते पाया है
आँसू वे शब्द हैं, जिनको दिल कभी बयां नहीं कर सकता है।
कष्ट/दुःख पाप का परिणाम है अथवा दुःख का जन्म पाप से होता है.