एक वक़्त पे आपको ये मान लेना पड़ता हौ की, कुछ लोग बस आपके दिल में ही रहेंगे, आपके ज़िंदगी में नही।
तकलीफ तो इस बात से होती है, की जिनसे हम आज भी प्यार करते है, वो भी कभी हमसे प्यार किया करती थी।
कभी-कभी दर्द इस हद तक बढ़ जाता है, की "रोते-रोते" सो जाने के अलावा और कोई चारा ही नही बचता।
सबसे ज़्यादा तकलीफ तो तब होती है, जब वो इंसान, जो कल आपको सबसे ज़्यादा खास महसूस करता था। आज वही आपको इतना अकेला और कमजोर महसूस कराता है।
हास्य टॉनिक है, राहत है, दर्द रोकने वाला है. ||
ऐसा लगता है, कि... मेरे शरीर का हर दूसरा हिस्सा भी अब टूट गया है।
एक वक़्त पे आपको ये मान लेना पड़ता हौ की, कुछ लोग बस आपके दिल में ही रहेंगे, आपके ज़िंदगी में नही।
तकलीफ तो इस बात से होती है, की जिनसे हम आज भी प्यार करते है, वो भी कभी हमसे प्यार किया करती थी।
कभी-कभी दर्द इस हद तक बढ़ जाता है, की "रोते-रोते" सो जाने के अलावा और कोई चारा ही नही बचता।
सबसे ज़्यादा तकलीफ तो तब होती है, जब वो इंसान, जो कल आपको सबसे ज़्यादा खास महसूस करता था। आज वही आपको इतना अकेला और कमजोर महसूस कराता है।
हास्य टॉनिक है, राहत है, दर्द रोकने वाला है. ||
ऐसा लगता है, कि... मेरे शरीर का हर दूसरा हिस्सा भी अब टूट गया है।