माता-पिता की जितनी जरुरत हमें बचपन में होती है उतनी ही जरुरत उन्हें हमारी उनके बुढ़ापे में होती है

माता-पिता की जितनी जरुरत हमें बचपन में होती है उतनी ही जरुरत उन्हें हमारी उनके बुढ़ापे में होती है

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आपसे जो भी झुक कर मिलता होगा, यकीनन उसका कद आपसे ऊँचा होगा।

क्या पता था कि मोहब्बत ही हो जाएगी, हमें तो बस तुम्हारा मुस्कुराना अच्छा लगा था

इश्क कोई क्यों करता है, इसे जान लेना जरूरी है, इसके बिना कैसे जिए कोई बिन इसके ज़िन्दगी अधूरी है.

अगर दुआ कबूल न हो तो लोग भगवान भी बदल देते हैं.

मुस्कुराहट ही हमें जिन्दगी जीने का अहसास दिलाती है.

सफ़ल होने की तमन्ना मुझ में भी है, मगर गलत रास्तों से होकर जाऊं, इतनी भी जल्दी नहीं है.

आपसे जो भी झुक कर मिलता होगा, यकीनन उसका कद आपसे ऊँचा होगा।

क्या पता था कि मोहब्बत ही हो जाएगी, हमें तो बस तुम्हारा मुस्कुराना अच्छा लगा था

इश्क कोई क्यों करता है, इसे जान लेना जरूरी है, इसके बिना कैसे जिए कोई बिन इसके ज़िन्दगी अधूरी है.

अगर दुआ कबूल न हो तो लोग भगवान भी बदल देते हैं.

मुस्कुराहट ही हमें जिन्दगी जीने का अहसास दिलाती है.

सफ़ल होने की तमन्ना मुझ में भी है, मगर गलत रास्तों से होकर जाऊं, इतनी भी जल्दी नहीं है.